क्या आप अभी भी माइक्रोसोफ्ट के इंटरनेट एक्स्प्लोरर के छट्टे [6] संस्करण का उपयोग कर रहे हैं? तो बेहतर होगा कि अब आप अपग्रेड कर लें. हालाँकि माइक्रोसोफ्ट ने आई.ई. के संस्करण 6 को समर्थन देना अभी तक बंद नहीं किया है परंतु आई.ई 6 अब नई तकनीक से बन रही वेबसाइटों को समर्थन देने में अक्षम साबित हो रहा है [आप तरकश ने नवीन संस्करण को आई.ई. 6 में सही तरीके से नहीं देख पाते हैं] और कई अन्य वेब कम्पनिया आई.ई. 6 को समर्थन देना बंद कर रही हैं. इस सूचि में गूगल भी जुड़ गया है. गूगल 1 मार्च 2010 से आई.ई. 6 को समर्थन देना धीरे धीरे बंद कर रहा है. गूगल की जो दो सेवाएँ आई.ई. 6 को समर्थन देना सबसे पहले बंद करेगी वे हैं गूगल डॉक्स और गूगल साइट्स.
इस बारे में गूगल का कहना है कि गूगल डॉक्स और गूगल साइट्स में कई ऐसे कोड और तकनीक इस्तेमाल की गई हैं जो आई.ई. 6 के द्वारा समर्थित नहीं है.
पिछले 10 सालों में इंटरनेट ने व्यापक पहुँच बनाई है और डाट कॉम तकनीक हर महिने अद्यतित हो रही है. इसलिए पुराने ब्राउज़र को अपग्रेड करते रहने में ही समझदारी है.
स्वयं माइक्रोसोफ्ट ने आई.ई. 6 के बाद 2 नए संस्करणों आई.ई. 7 [विस्टा के साथ मुफ्त] और आई.ई. 8 [विंडोज़ 7 के साथ मुफ्त] लॉंच किया है. ये दोनों संस्करण मुफ्त डाउनलोड के लिए उपलब्ध है.
इसके अलावा मोज़िला फायरफोक्स, सफारी, या गूगल क्रोम जैसे वेब ब्राउज़र भी हैं जो मुफ्त हैं तथा जिन्हें अपग्रेड करना सरल है.
फायरफोक्स के बढते कदम:
मोज़िला का ओपन सोर्स वेब ब्राउज़र फायरफोक्स तेजी से आगे आ रहा है. यूरोप के बाजार में इस ब्राउज़र की हिस्सेदारी 40% हो चुकी है जो कि आई.ई. की हिस्सेदारी से 5% ही कम है. ऑस्ट्रिया जैसे कुछेक देशों में तो फायरफोक्स इंटरनेट एक्स्प्लोरर को पछाड़ भी चुका है.
इंटरनेट पर नई तकनीकों के साथ कदमताल मिलाने के लिए हमारी सलाह की आप या तो इंटरनेट एक्स्प्लोरर को अपग्रेड कर लें अथवा अन्य मुफ्त ब्राउजरों का उपयोग करें.


