बैंड बाजा बारात - यशराज की "शादी' फिल्म
फिल्म की कहानी है शादी समारोहों का आयोजन करने का काम कर रहे दो युवाओं की. अनुष्का (शर्मा) और उसका साथी बिट्टू शादियाँ "आयोजित" करते हैं, जिसमें शामिल होता है बैंड बाजा और बारात का आथित्य सत्कार. साथ ही होता है "दिखावा' और "कौन किससे बेहतर" का तामझाम.
शर्मा मानती है कि जिससे व्यापार करो उससे प्यार कभी ना करो, परंतु उसे अपने मनमौजी और कामचोर साथी से प्यार हो ही जाता है और उसके बाद क्या क्या गडबडझाला होता है यही कहानी है इस फिल्म की.
अनुष्का शर्मा ने पंजाबी कुडी की भूमिका काफी अच्छी तरह से निभाई है. सिंह भी जमते हैं, यह उनकी पहली फिल्म है. मनीष शर्मा का निर्देशन बढिया है.
कुल मिलाकर यह एक ऐसी फिल्म है जो यशराज बैनर को पिछली कई असफल और साधारण व्यापार करने वाली फिल्मों से हुए नुकसान से उबार सकती है. परंतु इस फिल्म के साथ ही "नो प्रोब्लम" भी रिलीज हुई है और दर्शक पहले उस फिल्म को प्राथमिकता देंगे यह भी सच है. इसलिए देखना होगा कि बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म कैसा व्यापार करती है.

