यह एक ऐसा वायरस है जिसकी चपेट में आने वालों में 70% लोगों की मृत्यु तय मानी जाती है. यह वायरस “सेंड-फ्लाय’ नामक किड़े के काटने से फैलता है. यह किड़ा मिट्टी के घरों में या जिन घरों के आंगन मिट्टी के होते है उनकी दरारों में पनपता है. इसके अलावा जहरीले हो चुके खाद्य पदार्थों से भी फैलता है.
स्वास्थ्य
चंडिपुरा वायरस कितना खतरनाक
यह एक ऐसा वायरस है जिसकी चपेट में आने वालों में 70% लोगों की मृत्यु तय मानी जाती है. यह वायरस “सेंड-फ्लाय’ नामक किड़े के काटने से फैलता है. यह किड़ा मिट्टी के घरों में या जिन घरों के आंगन मिट्टी के होते है उनकी दरारों में पनपता है. इसके अलावा जहरीले हो चुके खाद्य पदार्थों से भी फैलता है.
टोइलैट फ्लश से अधिक गंदे होते हैं मोबाइल फोन
हम टोइलैट फ्लश को हाथ लगाने के बाद तुरंत हाथ धोते हैं क्योंकि हम यह मानते हैं कि टोइलैट फ्लश गंदा होता है. परंतु क्या आप जानते हैं हम जिस डिवाइज का लगातार इस्तेमाल करते हैं वह मोबाइल फोन वास्तव में टोइलैट फ्लश से भी गंदा होता है. परंतु क्या हम उसे स्वच्छ रखने की कोशिश करते हैं?कैंसर कथा - किस कैंसर से डर, किससे नहीं
दुनिया में सबसे खतरनाक और जानलेवा बिमारियों में से एक कैंसर क्या वास्तव में उतनी खतरनाक है भी या मात्र हौवा है. अगर एक नई शोध पर गौर करें तो पता चलता है कि 9 ज्ञात कैंसरों में से अधिकतर वास्तव में खतरनाक नहीं होते और उनसे बच जाने वाले रोगियों का प्रतिशत मृत्यु को प्राप्त होने वाले रोगियों से कहीं अधिक होता है. इस शोध से पता चला कि स्किन मेलानोमा नामक कैंसर से बच जाने की दर सबसे अधिक होती है और फेफडों के कैंसर से बच जाने की दर सबसे कम.More Articles...
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