दिल्ली उच्चन्यायालय ने कल एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए महिला सैन्य अधिकारियों के लिए स्थायी कमीशन लागू किए जाने की बात कही थी. महिलाओं के लिए 33% संसदीय आरक्षण की तैयारियों के बाद यह दूसरी बड़ी खुशी कही जा सकती है.
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भारत विविधताओं का देश है. यहाँ प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की भरमार है. मुझे हमेशा से घूमने का शौक रहा है. मैंने भ्रमण के दौरान भारत के कई पर्यटन और ऐतिहासिक स्थलों का दौरा किया है. इन्ही पर्यटन स्थलों में से कुछ स्थलों का विवरण अपने शब्दों में देना चाहूँगी.
इसके लिए 15 वर्षों का लम्बा इंतजार करना पड़ा. इसकी पहल दैवेगोड़ा सरकार ने की थी और यह बिल विभिन्न सरकारों और समितियों और चर्चाओं - बहसों से गुजरता हुआ आखिरकार राज्यसभा में पास हो गया. राज्यसभा में दो दिनों तक चले विरोध, शोर शराबे और हंगामे के बाद मुख्य विपक्षी दल भाजपा और वामपंथी दलों के समर्थन से सरकार इस विधेयक को पास कराने में सफल रही. विधयेक के पक्ष में 186 सदस्यों ने वोट दिया जबकि विरोध में केवल एक ही मत पडा.
8 मार्च, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस. इस बार महिला दिवस को मनाने के 100 साल पूरे हो रहे हैं. महिला सशक्तिकरण के क्षैत्र में इन 100 सालों में कितना बदलाव आया है, यह शोध का विषय हो सकता है परंतु यह सच है कि लोगों की मानसिकता में अंतर जरूर आया है. लेकिन इसके लिए यह विशेष दिन जिम्मेदार नहीं है. भारत की संस्कृति में हमेशा से महिलाओं को सम्मानित स्थान दिया गया है और यह हमारे डीएनए में है.
महिलाएँ किसी से कम नहीं होती. यह बात इन महिलाओं पर लागू होती है. इन्होनें अपने साहस, लगन और अदम्य ईच्छाशक्ति से दुनिया को एक नई दिशा दी.
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