Tuesday, Sep 02nd

अंतिम अपडेट:05:24:29 AM IST

7 "अति भाग्यशाली" लोग जो विमान दुर्घटनाओं में अकेले बचे

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plane-crashहम इसे चमत्कार कह सकते हैं क्योंकि ये वे लोग हैं जिन्होने मौत को एकदम नजदीक से देखा है और उसे मात दी है. ये वे 7 लोग हैं जो विमान दुर्घटनाओं में बुरी तरह से घायल होने के बावजूद जीवित रहे.

नेउबा तेसोह

इन्हें करीब 50 घातक चोटें लगी थी. वे जिस हवाई जहाज में सफर कर रहे थे उसमें तकनीकी खराबी आ गई थी. वारिग एयरलाइंस के इस विमान ने एबिजान, आइवरी कोस्ट से उडान भरी थी और इसमें 39 यात्री और 12 क्रु सदस्य थे. यह विमान क्रेश होकर जमीन पर जा गिरा था. सभी यात्री और क्रु सदस्य मारे गए. केवल नेउबा जीवित रहे.


एरिका देलगाडो


इन्हें 51 घातक चोटें लगी थी. बात 11 जनवरी 1995 की है. एरिका और उनके माता पिता ने बोगोट कोलम्बिया से इंटरकोंटिनेंटल एयरलाइन की उडान संख्या 256 पकडी. यह विमान उडान के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई परंतु एरिका ने मौत को मात दे दी.

वह उछल कर समुद्री काई के ऊपर गिरी थी और इससे वह बच गई. बाद में उसने बताया कि उसके माता पिता ने विमान में धमाका होने से पहले उसे विमान से बाहर धकेल दिया था.


ज्योर्ज लेमसन जुनियर


1985 का एक दिन. ज्योर्ज लेमसन ने अपने पिता के साथ नेवादा से एक हवाईजहाज पकडा. यह गेलेक्सी एयरवेज की फ्लाइट संख्या 203 थी. इस छोटे जहाज ने जैसे ही उडान भरी इसमें तकनीकी समस्याएँ आ गई और हवा अंदर आने लगी. विमान आगे की तरफ झुका और क्रैश हो गया.

क्रैश होने के समय ज्योर्ज की सीट हवा में उछल गई और वे घास के मैदान में जा गिरे, वे उठे और एक तरफ दौडने लगे. बाकी लोग इतने भाग्यशाली नहीं थी. ज्योर्ज बच गए.


जुलियन कोपेक

24 दिसम्बर 1971 को जुलियन ने लांसा की फ्लाइट संख्या 508 पकडी. उनके साथ 90 अन्य यात्री और 6 क्रु सदस्य भी थे. यह विमान पेरू के लिमा शहर से इक्विटोस जा रहा था.

विमान का टेकऑफ अच्छा था परंतु 21000 फूट की ऊँचाई पर जाने के बाद वह तूफान में फंस गया और बुरी तरह से हिलने लगा. पायलट ने विमान को उडाते रहने का फैसला किया परंतु एक बिजली कौंधी और विमान का फ्यूल टेंक क्षतिग्रस्त हो गया. कुछ ही समय बाद विमान क्रैश हो गया.

जुलियन अमेजन के जंगल में घने पेडों के बीच जा गिरी. उन्हें 91 घातक चोटें आई थी लेकिन वे जीवित रही. उन्होनें 10 दिन यूँ ही गुजारे और 11वें दिन एक आदिवासी ने उनको देखा और उनकी मदद की. जुलियन जीवित रही, पर बाकी लोग इतने भाग्यशाली नहीं थे.


मोहम्मद अल फतह उस्मान

मोहम्मद अल फतह उस्मान विमान दुर्घटना में बचा सबसे कम उम्र का व्यक्ति है. जब इन्होनें मौत को मात दी थी तब उनकी उम्र मात्र 2 वर्ष की थी. 8 जुलाई 2003 को सुडान एयरवेज की एक फ्लाइट ने पोर्ट सुआन से खार्तुम के लिए उडान भरी. उडान के बाद पायलट ने देखा कि एक इंजिन काम नहीं कर रहा है. उसने एयरट्राफिक कंट्रोल से कहा कि वह वापस लौट रहा है. परंतु इसके 10 ही मिनट बाद हवाईजहाज क्रैश हो गया.

उस्मान किसी तरह से बच गया. उसे 115 चोटें आई और वह एक पेड पर मिला. उसके अलावा बाकी सभी यात्री मारे गए.


बाहिया बाकेरी

यमन के सनाना शहर से उडी यमनिया एयरलाइंस की उडान संख्या 626 कोमोरोस के मोरोनी शहर जा रही थी. दिन था 30 जून 2009. इस जहाज में 153 यात्री और 11 क्रु सदस्य थे.

कोमोरोस पहुँचने से ठीक पहले यह विमान दुर्घटनाग्रस्त होकर हिंद महासागर में जा गिरा. 14 वर्षीय बाहिया को छोडकर सभी लोग मारे गए. 13 घंटों तक बाहिया विमान के टुकडों के सहारे  समुद्र में तैरती रही.

बाद में एक निजी जहाज ने बाहिया को देख लिया और उसे ऊपर खींच लिया. बाहिया को 152 चोटें आई थी परन्तु वे बच गई.


सेसेलिया साइकन

16 अगस्त 1987 को मिशीगन के एमबीएस इंटरनेशनल हवाई अड्डे से नोर्थवेस्ट एयरलाइंस के जहाज ने उडान भरी. इस जहाज में 149 यात्री और 6 क्रु सदस्य थे.

विमान में सेसेलिया भी थी जो अपने माता पिता और भाई के साथ यात्रा पर थी. विमान ने रनवे की तरफ रूख किया. परंतु उसके एक डेना एक खम्भे से टकरा गया. विमान तेजी से मुडा और आई94 एक्सप्रेस वे पर जा गिरा. सभी लोग मारे गए परंतु सेसेलिया बच गई. जिस समय दुर्घटना हुई उस समय सेसेलिया 4 साल की थी. उसे 156 चोटें आई. उसका बचना किसी चमत्कार से कम नहीं था.
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