
स्वतंत्रता के 60 से अधिक वर्ष गुजर जाने के बाद आम आदमी के लिए अपनी बात कहने के स्वतंत्र माध्यम कितने है? लोकतंत्र का चौथा खंभा कहे जाने वाले कथित जन जागरण के माध्यमों जैसे कि अखबारों और टीवी समाचार चैनलों को अब लोगों की आवाज नहीं कहा जा सकता है.

स्वतंत्रता के 60 से अधिक वर्ष गुजर जाने के बाद आम आदमी के लिए अपनी बात कहने के स्वतंत्र माध्यम कितने है? लोकतंत्र का चौथा खंभा कहे जाने वाले कथित जन जागरण के माध्यमों जैसे कि अखबारों और टीवी समाचार चैनलों को अब लोगों की आवाज नहीं कहा जा सकता है.
26 जनवरी 1950 – देश के सँविधान को लागू किया गया. भारत प्रजातंत्र बना. देश पर लोगों का राज हुआ. आम जनता अब शासक थी जो अपने प्रतिनिधि को संसद तक भेजती थी और वे प्रतिनिधि देश का राजकाज चलाते थे. अंग्रेजो की गुलामी समाप्त हुई. उस समय जो देश की स्थिति थी उससे कई गुना अच्छी स्थिति आज है. भारत ने प्रगति की है, भले ही रफ्तार कम रही हो. Page 1 of 11