विपक्षी पार्टी भाजपा ने केन्द्र सरकार की भ्रत्सना करते हुए कहा है कि नई दिल्ली में अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी खुलेआम सेमिनार कर आज़ादी की राग अलापते हैं, सबकुछ सरकार की नाक के नीचे होता है और कोई रोकटोक नहीं होती. यह देश के लिए शर्म की बात है.
राज्य सभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि, "दिल्ली में गुरुवार को अलगाववादी नेताओं के सेमिनार में जो कुछ हुआ उससे देश हैरान है. इसमें सरकार की नाक के नीचे देश के एक हिस्से को अलग करने की बात हुई. लोकतंत्र में अभियव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर अलग होने के अधिकार को स्वीकार नहीं किया जा सकता. राष्ट्र के दो दायित्व और कर्तव्य हैं. पहला ऐसे आयोजनों को रोकना और दूसरा दोषियों पर कार्रवाई करना. लेकिन सरकार बगलें झांकती रही."
उधर अब भाजपा के हमले से परेशान केन्द्र सरकार ने गिलानी की भाषण की जाँच कराने की बात कही है. गृहमंत्री ने कहा है कि यदि गिलानी के भाषण में कुछ भी आपत्तिजनक पाया गया तो उनपर मुकदमा किया जाएगा.
उल्लेखनीय है कि दिल्ली में गुरूवार को "आजादी- इकलौता रास्ता" सेमीनार हुआ था जिसमें गिलानी और अरूंधती राय सहित कश्मीरी अलगाववादी, नक्सल और खालिस्तानवादी लोगों ने आज़ादी की राग अलापी थी.

