अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिटंन ने पूर्वी येरूशलम में नई बस्तियाँ बनाने के इसराइल के फ़ैसले की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से टेलिफ़ोन पर बात की और कहा कि यह फ़ैसला अमरीका-इसराइल संबंधों के लिए नकारात्मक है.
वॉशिंगटन से बीबीसी संवाददाता किम घटास का कहना है कि अमरीका की ओर से ऐसी कड़ी प्रतिक्रिया कभी-कभार ही होती है. नई बस्तियाँ बनाने की इसराइल की घोषणा के कारण शांति वार्ता शुरू करने के उद्देश्य से अमरीकी उप राष्ट्रपति जो बाइडन की यात्रा छिप सी गई.इस फ़ैसले के बाद फ़लस्तीनियों ने संकेत दिया है कि वे उस समय तक बातचीत में शामिल नहीं होगा जब तक इसराइल अपना फ़ैसला वापस नहीं ले लेता. अमरीकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि हिलेरी क्लिंटन ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू से क़रीब 43 मिनट तक बात की. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पीटर क्रावली ने कहा कि हिलेरी क्लिंटन ने यह स्पष्ट करने के लिए फ़ोन किया था कि अमरीका इसराइल की इस घोषणा को द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में एक नकारात्मक संकेत मानता है. हिलेरी क्लिंटन ने यह भी कहा कि यह घोषणा अमरीकी उप राष्ट्रपति की इसराइल यात्रा की भावना के ख़िलाफ़ है.


