पश्चिमी देशों के जबरदस्त विरोध की परवाह न करते हुए ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद अपने विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं. उन्होंने देश के परमाणु कार्यक्रम के प्रमुख को उच्च यूरेनियम संवर्द्धन के आदेश दिए हैं.
एक दिन पहले ही ईरान ने अपने न्यूक्लियर रिएक्टर के लिए परमाणु ईधन की आपूर्ति करने के पश्चिमी देशों के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था. अहमदीनेजाद रविवार को लेजर टेक्नोलाजी पर आयोजित एक प्रदर्शनी में बोल रहे थे. उनके संबोधन का राष्ट्रीय टेलीविजन पर सीधा प्रसारण किया गया. बीते मंगलवार को उन्होंने कहा था कि ईरान अपने एलईयू को विदेश भेजने के लिए तैयार है ताकि उसे 20 प्रतिशत परमाणु ईधन में बदला जा सके.
अहमदीनेजाद की इस घोषणा पर ब्रिटेन व अमेरिका ने कड़ी निंदा की है. ब्रिटेन ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताया जबकि अमेरिकी रक्षा मंत्री राबर्ट गेट्स ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान पर दबाव बढ़ाने की अपील की. उधर, ईरान के राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय ताकतों पर आरोप लगाया है कि वे संयुक्त राष्ट्र के परमाणु ईधन समझौते में गतिरोध पैदा कर रही हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम के प्रस्ताव पर बातचीत की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिमी देशों को बिना शर्त कम संविर्द्धत यूरेनियम [एलईयू] के बदले 20 प्रतिशत तक उच्च संविर्द्धत यूरेनियम देने के हमारे प्रस्ताव को स्वीकार करना होगा. हमारे न्यूक्लियर रिएक्टर के लिए इतना परमाणु ईधन जरूरी है. हमने विश्व समुदाय को दो से तीन माह का समय देने का फैसला किया है. इस दौरान यदि हमारा प्रस्ताव नहीं माना गया तो हम इस दिशा में प्रयास शुरू कर देंगे.


