Thursday, Mar 18th

अंतिम अपडेट:05:29:21 PM IST

इतिहास

कभी इदी अमीन के हाथों बेघर हुए थे लाखों भारतीय

Print PDF
( 1 Vote )
idi-aminअप्रवासी भारतीय हमारे देश के लिए दुनिया भर में राजदूत का काम करते हैं. देश की संस्कृति और विकासगाथा को दुनिया के कोने कोने मे पहुँचाने और देश के विकास मे इनका योगदान भारत के लिए गौरव की बात है. तरकश.कॉम इन अप्रवासी भारतीय लोगों से जुडी कुछ जानी कुछ अनजानी बातों को अपनी पाठकों के समक्ष प्रस्तुत कर रहा है.

एक ऐसा शहर जहाँ प्रवासी भारतीयों की संख्या मूल निवासियों से अधिक थी

Print PDF
( 1 Vote )
old-rangoonभारतीय व्यापारियों के द्वारा दूसरे देशों मे जाकर वहाँ व्यापारिक प्रतिष्ठान स्थापित करने की परम्परा नई नहीं है. काफी पुराने समय से भारतीय नागरिक व्यापार करने के उद्देश्य से दूसरे देशों मे जाते रहे हैं. दूसरे देशों मे बस रहे भारतीयों की संख्या काफी होती है इतनी भी नही कि उस शहर या देश मे रहने वाले मूल नागरिकों की संख्या से भी अधिक हो जाए. लेकिन भूतकाल में ऐसा हुआ भी है.

नेताजी का अंतिम भाषण - "हिंदुस्तान जरूर आजाद होगा"

Print PDF
( 4 Votes )

subhash-chandraयह विडम्बना ही है कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जैसे महान जननेता और देश के सपूत को आज शायद ही कोई याद करता है या महत्व देता है. आज उनका जन्मदिवस है परंतु कितनी दुखद बात है कि यह कोई खबर नहीं बनती.

Last Updated on Saturday, 23 January 2010 13:02

Page 1 of 5

  • «
  •  Start 
  •  Prev 
  •  1 
  •  2 
  •  3 
  •  4 
  •  5 
  •  Next 
  •  End 
  • »