भारत पहली बार एक खोजी दल को दक्षिण ध्रुव भेज रहा है. यह दल वहाँ जाकर 40 दिनों तक रहेगा और मौसम में आ रहे बदलाव और अंटार्टिका पर उसके असर का अभ्यास करेगा. यह 8 सदस्य दल आज दक्षिण ध्रुव के लिए रवाना हो रहा है.
खबर के अनुसार इस दल का नैतृत्व 62 वर्षीय रसिक रविन्द्र करेंगे जो कि निशनल सेंटर फोर अंटार्टिका एंड ओसियन रिसर्च के निदेशक हैं. उनके साथ 7 अन्य सदस्य भी इस दल में शामिल होंगे. यह दल सबसे पहले मैत्री बेस जाएंगे जो कि अंटार्टिका पर भारत का स्थायी स्टेशन है. यहाँ से यह दल आगे की यात्रा शुरू करेगा. यह दल 1 नवम्बर को मैत्री बेस केम्प पहुँचेगा और दिसम्बर के मध्य तक लौट आएगा.
दक्षिण ध्रुव से यह दल कुछ सेम्पल लेकर आएगा जिनकी भारत की लेबोरेटरियों में जाँच की जाएगी. इस जाँच से मौसम में आ रहे बदलावों, ग्लोबल वार्मिंग की सम्भावनाओं और भविष्य में भारत के ऊपर पड़ने वाले असर से संबंधित जाँच की जानी है. इसके अलावा यह दल वहीं रहकर कुछ वैज्ञानिक परीक्षण भी करेगा. इस परीक्षण में शामिल है बर्फ के स्तर को मापना, पत्थरों की सरंचना की जाँच करना और बर्फ की कैमेस्ट्री परखना.

