कई लोगों की नींद इतनी "कच्ची" होती है कि जरा सी आवाज़ से ही वे उठ जाते हैं, जबकि कुछ लोग इतनी गहरी नींद लेते हैं कि उनके कान के पास शोर करने से भी वे नहीं जागते. ऐसा कैसे होता होगा? कुछ लोग भारी शोर गुल के बीच भी कैसे सो पाते हैं?रोचक तथ्य और जानकारी
कुछ लोग भारी शोरगुल के बीच भी कैसे सो जाते हैं?
कई लोगों की नींद इतनी "कच्ची" होती है कि जरा सी आवाज़ से ही वे उठ जाते हैं, जबकि कुछ लोग इतनी गहरी नींद लेते हैं कि उनके कान के पास शोर करने से भी वे नहीं जागते. ऐसा कैसे होता होगा? कुछ लोग भारी शोर गुल के बीच भी कैसे सो पाते हैं?हमारा अवचेतन मन बनाता है हमें "नकलची"
क्या कभी ऐसा हुआ कि किसी व्यक्ति से बात करते समय या उसके तुरंत बाद आप अनजाने में उसके जैसे ही बोलने का प्रयत्न करने लगे हों? ऐसा सब लोगों के साथ होता है और इसके लिए हमारे जीन को जिम्मेदार माना जा सकता है.17 दुर्घटनाएँ प्रतिदिन, डिजिटल डिवाइजें जिम्मेदार
ब्रिटेन में प्रतिदिन होने वाली दुर्घटनाओं में से कम से कम 17 सड़क दुर्घटनाएँ ऐसी होती हैं जिनके लिए म्यूज़िक प्लेयर को जिम्मेदार माना जा सकता है. यह आँकड़ा काफी बडा है और चिंताजनक भी.More Articles...
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