Saturday, May 26th

अंतिम अपडेट:04:05:04 AM IST

नई तकनीक जो टैंक को बनाएगी "गिरगिट"

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गिरगिट में एक गुण होता है - वह अपने आसपास के वातावरण के हिसाब से अपना रंग बदल लेता है. अगर युद्ध के मैदान में टैंक भी अपना रंग बदल लें या फिर अपना आकार ही बदल लें तो! स्वीडन की कम्पनी बीएई सिस्टम ने कुछ ऐसी ही तकनीक विकसित की है.

इस कम्पनी ने भारी और बडे टैंकों को युद्ध के मैदान में छिपाने के लिए उसके दोनों तरफ ओएलइड से बनी स्क्रीन लगाई है. इसके अलावा दोनों तरफ बग आई कैमरे भी लगे होते हैं जो अपने आसपास के सम्पूर्ण चित्र को रिकार्ड कर लेते हैं.

इन कैमरों से खींची जा रही तस्वीरें टैंक के दूसरी तरफ स्थित ओएलईडी स्क्रीन पर प्रदर्शित होती है और इस तरह से दुश्मन सेना को भ्रम हो जाता है कि टैंक आखिर कहाँ है?

इसके अलावा इस कम्पनी का इरादा ऐसा स्वचालित सिस्टम भी विकसित करने का है जो "पसीने" के सिद्धांत पर काम करे. यानी कि जैसे ही टैंक गर्मी का उत्सर्जन शुरू करे (टैंक की आंतरिक बनावट उसे बेहद गर्म बना देती है) वैसे ही उसकी सतह से पानी निकलना शुरू हो जाए जो उसे ठंडा रखे. यह इसलिए जरूरी है क्योंकि आधुनिक मिसाइलें गर्मी को परख कर उस पर वार करती है.

समस्याएँ:
अभी इस तकनीक को और अधिक विकसित किए जाने की आवश्यकता है. बीएई सिस्टम के लिए एक चुनौती यह भी है कि टैंक की ऊपरी सतह को कैसे छिपाए जाए. इसके अलावा पहिए भी छिपाए नहीं जा सकते हैं.
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