Saturday, May 26th

अंतिम अपडेट:04:05:04 AM IST

अंतरिक्ष में उड़ान भरेंगे ह्यूमनोइड रोबोट

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robonaut2अमरीका की अंतरिक्ष अनुसंधान संस्था नासा ने जीई मोटर्स के साथ एक समझौता किया है. यह दोनों मिलकर आधुनिक रोबोट बनाएंगे जो भविष्य में अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशनों में अंतरिक्षयात्रियों के सहायक के रूप में कार्य करेंगे.

ऐसा नहीं है कि ऐसा पहली बार होगा जब अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए रोबोट का इस्तेमाल किया जाएगा. चाँद और मंगल की धरती पर रोबोटिक यान उतर चुके हैं और भारत के चन्द्रयान-2 अभियान में भी एक रोबोट को चाँद की धरती पर उतारा जाना है. परंतु उल्लेखनीय भेद यह होगा कि नासा और जीई द्वारा विकसित यह रोबोट ह्यूमनोइड - होंडा के आसिमो जैसा - होगा. इस रोबोट का चेहरा होगा गर्दन होगी, धड़ होगा और दो हाथ भी होंगे. परंतु नीचे का भाग पहिओं पर आधारित होगा.

300 पाउंड के इस रोबोट का नाम रोबोनॉट 2 या आर2 रखा गया है और पहले चरण में परीक्षण किया जाएगा कि यह रोबोट अंतरिक्ष के भारहीन वातावरण के साथ सामंजस्य स्थापित कर पाता है या नहीं. नासा के अनुसार पहले चरण में यह रोबोट कोई विशेष कार्य नहीं करेगा. नासा के वैज्ञानिक इस बात का परीक्षण करेंगे कि भारहीन स्थिति में यह रोबोट खुद को सम्भाल पाता है या नहीं. परंतु इसके बाद यह रोबोट ना केवल यान के अंदर अंतरिक्षयात्रियों की मदद करेगा बल्कि स्पेस वॉक में भी उनका साथ देगा.

भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों में इस तरह के रोबोट उल्लेखनीय भूमिका निभाएंगे. ये रोबोट कई प्रकार के जटिल कार्यों को करने के लिए प्रोग्राम किए जाएंगे और इससे इंसान के ऊपर की निर्भरता धीरे धीरे कम हो जाएगी. नासा के एक्स्प्लोरेशन विभाग के प्रमुख जॉन ओल्सन के अनुसार - भविष्य में ये रोबोट काफी उपयोगी सिद्ध होंगे. इनकी मदद से हम सुदूर अंतरिक्ष तक पहुँच बना सकेंगे और वहाँ तक पहुँच पाएंगे जिसकी आज मात्र कल्पना ही की जा सकती है.
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