| द�?बई में भारत या भारत में द�?बई |
| मंगलवार , , 12 सितम्बर | |
|
तेल की दौलत से मालामाल और द�?निया के सबसे छोटे देशों में से �?क है सात राष�?ट�?रों का �?क देश संय�?क�?त अरब अमीरात जिसका 70% हिस�?सा राजधानी अब�?धाबी के पास है और बाकी 25% में द�?बई, शारजाह, अजमान, उम�?मलक�?यिन, फ�?जेराह और रास-अल-खाइमा मौजूद हैं। सऊदी अरबिया, कतर, उमान और ईरान आदि अरब अमीरात के पडोसी देश हैं। दो तरफ सम�?द�?र से घिरे इस रेगिस�?तानी देश की अर�?थव�?यवस�?था सिर�?फ तेल ही नही बल�?कि यहां के तेज़ रफ�?तार कारोबार से भी चलती है। द�?निया भर के देशों से आ�? ह�?�? ब�?द�?धिमान शिक�?षित लोगों की वजह से आज यह छोटा सा देश फलफूल रहा है। यह रेगिस�?तानी देश वर�?ष के छः महीने खूब गरम रहता है। दिसम�?बर से मार�?च तक तीन महीनो में तेज़ तूफानी हवाओ�? के साथ कभी �?काध बार हल�?की सी वर�?षा होती है (याद रहे पूरे वर�?ष मे अगर हो सके तो सिर�?फ �?क ही बार वर�?षा होती है)। पिछले वर�?ष 2005 में रिकार�?ड तोड वर�?षा ह�?ई थी वो अलग बात है।
आज भी अरब अमीरात को द�?बई के नाम से ही जाना जाता है जबकि इसकी राजधानी अब�?धाबी है। द�?बई शहर को मर�?स�?थल के बीच हरित भूमि भी कह सकते हैं। द�?बई मध�?य पूर�?व का कारोबार के मामले में सबसे तेज़ शहर है जिसका रात और दिन �?क ही होता है। द�?बई भी म�?ंबई की तरह कभी सोता नही। इस शहर की जगमगाहट को देख कर लोग यहां की तेज़ गर�?मी को भी भूल जाते हैं। आसमान से बातें करती ऊ�?ची ऊ�?ची इमारतें, चौडी सडकें और चौबीसों घंटे भागती ह�?ई सवारिया�?, द�?निया भर के निवासी और उनकी अपनी संस�?कृति इस शहर का अजीब मंज़र पेश करती हैं जैसे सारी द�?निया सिमट कर यहीं आ बसी हो। इस शहर में पूरे विश�?व से आ�? लाखों लोग नौकरी और व�?यापार करते हैं। यहा�? रहने वाली क�?ल आबादी में यहा�? के मूल नागरिक करीब 25% और बाकी 75% बाहर के देशों से आ�? ह�?�? लोग हैं, जिनमें से तकरीबन 48% भारतीय हैं। यह कहना गलत ना होगा कि द�?बई को तरक�?की दिलाने मे भारतीयों का बडा योगदान है, बैंक से लेकर हर छोटे कारोबार तक चाहे कपडों का बाज़ार हो या सोने चांदी के बाज़ार सभी जगह भारतीय व�?यवसायी दिखाई देंगे। भारत के सभी राज�?यों से आ�? लोग यहां सिर�?फ �?क ही भाषा हिन�?दी बोलते और सम�?ते हैं और तो और य�?रोपियन, चीनी, अरबी और अफ�?रीकी लोग भी यहां हिन�?दी सम�?ते और बोलते है। गौरतलब है कि यहा�? के बाज़ारों मे सबसे ज�?यादा बोली जाने वाली भाषा हिन�?दी ही है सम�?ने वाले चाहे उसे उर�?दू भी क�?यों ना सम�? लें। सिधी सी बात है, द�?बई मे रहते ह�?�? �?सा महस�?स नहीं होता कि हम अपने देश से ज�?यादा दूर हैं। कभी कभी तो �?सा लगता है मानो द�?बई भारत के ही किसी कोने में है।
Set as favorite
Bookmark
Email This
टिप्पणियाँ
(3)
कीबोर?ड के सिपाही यहा? रहने वाली क?ल आबादी में यहा? के मूल नागरिक करीब 25% और बाकी 75% बाहर के देशों से आ? ह?? लोग हैं, जिनमें से तकरीबन 48% भारतीय हैं।
Votes: +0
बढ़िया शो?ब भाई. सच?ची, द?बई भारत के ही किसी कोने में है। बाक़ी तो मैं ताज़ा खबर आपको देता ही रहता हूं report abuse
vote down
vote up
|