| पत्रिका | |
| गुरुवार , , 19 अक्टूबर | |
|
पंकज बेंगाणी
हाई-स�?टाइल, चेन�?नई का �?क विज�?ञापन केम�?पेन। इस केम�?पेन ने देश भर में हडकम�?प मचाया था। जहा�? क�?छ लोग इस विज�?ञापन की क�?रे�?टीव अपील पर आफरीन हो ग�? थे वहीं क�?छ लोग इस विज�?ञापन में प�?रदर�?शित की गई हिंसा को अन�?चित भी मानते थे। इस विज�?ञापन केम�?पेन ने चर�?चाओं का नया दौर श�?रू कर दिया था। इस बारे में आपकी क�?या राय है? मेरा मत: रचनात�?मकता की दृष�?टि से ये विज�?ञापन अद�?भूत है। क�?रे�?टिव टीम ने सामान�?य से और रोज मर�?रा की जिन�?दगी में इस�?तेमाल हो रहे शब�?दों को बडे ही अनोखे तरिके से पेश किया। लेकिन ये विज�?ञापन क�?र�?रता की सिमाओं को भी पार कर ग�? लगते हैं। ये ज�?ग�?त�?सा भी जगाते हैं और समाज के हर वर�?ग के लि�? उपय�?क�?त नहीं हैं। मेरी रेटिंग: 4 / 10
Set as favorite
Bookmark
Email This
टिप्पणियाँ
(3)
वाकई, क?रियेटिविटी तो है, मगर ?सी कि बाल मन ही नहीं बड़े भी विचलीत हो जायें मगर जो भी हो, विज?ञापन अपनी छाप छोड़ जाने वाले उद?देश?य पर तो खरा उतरता है. फिर भी इस तरह के क?रूर विज?ञापनों को प?रोत?साहन नहीं ही मिले तो ठीक. और भी तो तरीके हैं छाप छोड़ जाने के.
Votes: +0
report abuse
vote down
vote up
|
|