| सयुंक्त परिवार गाथा : Joint Family Saga |
| हास्य व्यंग्य | |
| रविवार , , 18 फ़रवरी | |
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सुनील दीपकजी का संयुक्त परिवार वाला चिठ्ठा पढ़ते समय बहुत पहले पढ़ा एक लेख याद आ गया जो भारतीय परिवार में रिश्तों पर आधारित था। बात आगे बढाने से पहले समीरलालजी से अनुरोध करना चाहूँगा कि वे एक बार फ़िर से MS Visio खोल लें और चार्ट बनाते जायें। और जो मित्रगण हिन्दी चिट्ठाजगत से जुडे हुए नहीं हैं उन्हें बताना चाहूँगा कि श्री सुनील दीपकजी और समीरलाल हिन्दी चिट्ठा जगत के जाने माने चिट्ठाकार हैं। और समीरलालजी तो तरकश आयोजित " उभरता चिठ्ठाकार प्रतियोगिता 2006" के स्वर्ण कलम विजेता भी हैं। बहरहाल मैं बात कर रहा था एक लेख कि जिसमे रिश्तों के जाल में फ़ँसी एक भारतीय स्त्री अपने दुख: को बयान करते हुए कहती है- मैं और मेरी विधवा माँ अकेले रहते थे, एक दिन मेरा एक पैसे वाले अधेड़ से प्रेम हुआ और हम दोनो ने शादी कर ली। हमारी जिन्दगी अच्छी खासी चल रही थी कि एक दिन हमारे पुत्र (अधेड़ की पहली पत्नी के) का और मेरी माँ को पता नहीं क्या सूझी कि उन दोनों ने आपस में विवाह कर लिया। अब सबसे पहले हमारा पुत्र मेरा नया बाप बना और मेरे पति मेरी माँ के ससुर हुए और में अपनी ही माँ की सास। मरे पति मेरी माँ के ससुर होने के नाते मेरे दादाजी होते थे तो मेरी माँ का नया पति अब मेरे पति का दामाद भी हुआ क्यों कि वह उसकी पत्नि की पुत्री का पति था। मेरी माँ मेरे पति की सास भी थी और पुत्र वधू भी। और तो और में अपनी ही माँ की सास होने की वजह से खुद की ही दादी बन गई थी। इतना तक होता तो ठीक था पर कुछ समय बाद हम दोनों के (मेरी माँ और मेरे) बच्चे हुये और रिश्तों का ऐसा जाल बुना कि उसमें मैं उलझ कर रह गयी। मेरा नवजात पुत्र जो मेरी माँ का तो नाती था ही अब देवर भी हो गया था और हमारे पुत्र (अब लगता है नामकरण करना होगा अब उसका नाम A रख देते हैं ) का भी दोहित्र और खुद मेरे पति की पुत्र वधू का दोहित्र होने की वजह से पप्रप्र दोहित्र भी हो गया था। कुछ समय बाद मेरी माँ ने भी एक पुत्र को जन्म दिया और एक (?)और नये रिश्ते का जन्म हुआ। मेरी माँ का पुत्र मेरा भाई होने के साथ मेरा और मेरे पति पौत्र भी हुआ और मेरे पति का साला भी। मेरा पुत्र मेरी माँ के पुत्र का चाचा था और A का भाई होने के साथ दोहित्र भी और तो मेरी माँ का पुत्र मेरे पुत्र का मामा। है भगवान............. अब टाइप नहीं करा जाता और कोई रिश्ते बाकी रह गये हों तो समीरलाल जी अपने MS Visio चार्ट से बतायेंगे।
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टिप्पणियाँ
(8)
नासा वालों ने भी जब अपना शटल भेजने के लिये फ?लो चार?ट बनाया होगा, तो भी इतना लफड़ा नहीं मचा होगा. यहा? तो ?क बक?से को कभी उपर कभी नीचे, कभी दायें कभी बायें करते करते ही MS Visio बोल गया, कम?प?यूटर हैंग हो गया है. द?कान वाला बता रहा है कि नई हार?ड ड?राईव लगवानी पडेगी और आगे के लिये हिदायत दी है कि १ जीबी RAM पर ज?यादा बड़े काम न किया करो, नहीं तो वारंटी नहीं मिलेगी. इस पूरे परिवार को हमारा साध?वाद दिजियेगा.
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हाय! राम इत?ता म?श?किल सवाल, इतना म?श?किल तो पंजाब यूनिवर?सिटी के कोर?स मे भी नही है। लेकिन आइडिया अच?छा है, ?कता कपूर इस पर सीरियल बना सकती है। "क?या रिश?ता है?"
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मस?त चार?ट बना है.. ह?सैन के मॉर?डन आर?ट की माफ़िक.. जिसका ओर-छोर मेरे पल?ले नहीं पड़ रहा है.
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सागर जी,
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रिश?ते पूछ रहे हैं या लखनऊ की भूल भ?लैया घ?मा रहे हैं. :- हमने तो हथियार डाल दिये. report abuse
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ये तो अजीब सी उलझन है... वैसे अब यहाँ रिश्ते ढुँढने कि क्या जरूरत है। जो जैसा ठीक है।
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