| Podcast: Happy Birthday मन्ना डे |
| हमारी आवाज़ | |||
| सोमवार , , 30 अप्रेल | |||
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टिप्पणियाँ
(4)
प्रसन्नता हुई. यह खूब बढ़िया रहा. मेरी पसंद नहीसके. चलो मैं बताता हूं.. मुझे मन्ना दा के कुछ गीत बेहद पसंद हैं जैसे- तू प्यार का सागर है तेरी इक बूंद के प्यासे हम.. और ये रात भीगीं भीगी .. वैसे तो अनगिनत गाने हैं.. ये बड़े सुरीले और अनुशासित गायक हैं. तरकश को इस प्रस्तुति के लिए हार्दिक धन्यवाद.
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बहुत सुन्दर, मन्नाडे के बारे पॉडकॉस्ट सुनना बहुत अच्छा लगा।
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मन्नाडे साहब का जिक्र हो तो इन गानों को याद ना किया जाये तो थोड़ा सा अधूरापन लगता है लागा चुनरी में दाग छुपां कैसे ( दिल ही तो है , मशहूर कव्वाली आ तो कारवां की तलाश है - बरसात की रात, ए मेरे प्यारे वतन- काबुली वाला और उपर जो नीरज दादा ने बतायें है वे.... उफ बहुत से गाने हैं। किन किन का नाम लिखूं report abuse
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यह पॉड कास्ट भी बहुत बढ़िया रही. कसमे वादे प्यार वफा मेरा पसंदीदा गीत भी आपने बजा दिया, आनन्द आ गया. ऐसे ही और लाते रहो. बधाई.
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मन्ना दा हमारे चित्रपट संगीत के ऐसे लाजवाब फ़नकार हैं जिन्होने अपनी खरज भरी आवाज़ से अदभुत जादू जगाया है.
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हास्य,दर्द और खुशी जैसी भावों को मन्ना दा ने जिस ईमानदारी से निभाया है वह वंदनीय बनाता है इस सुर-साधक को. उनकी विनम्रता ओढी हुई नहीं है कुदरतन है..वैसी ही जैसी एक कलाकार में होना चाहिये.शास्त्रीय संगीत की रचनाओं को रफ़ी के बाद सिर्फ़ मन्ना डे ही पूरा निभाया है..मै समझता हूं मन्ना दा के साथ समय ने न्याय नहीं किया..वे हमारे फ़िल्म संगीत के unsung हीरो हैं....प्रणाम मन्ना दा. report abuse
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