| 'मरचीज़न फॉल नेशनल पार्क' की यात्रा |
| भ्रमण | |||
| बुधवार , , 02 मई | |||
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टिप्पणियाँ
(17)
अफ्रीका के बारे में पढ़ा और सुना तो बहुत था किन्तु आपके द्वारा अफ्रीकी यात्रा का जीता जागता वर्णन पढ़कर ऐसा लगा जैसे हम भी इस यात्रा पर हैं इस यात्रा के अगले अंक का बेसब्री से इन्तज़ार रहेगा।
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भावना जी
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आपने अफ्रीका के जंगलों की मुफ्त में ही यात्रा करवा दी...... पर अभी यात्रा के किनारे पर ही पहुँच पाए हैं ...... अब आगे चलने के लिए आपके तरकश की कलम गाड़ी की प्रतीक्षा रहेगी। डॉ॰ व्योम report abuse
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डॉ० भावना जी आपने सफ़ारी को एक नया मोड़ दिया है, क्योंकि हमारे भारत में लोग सफ़ारी कम ही पसन्द करते हैं और कितनों को तो सफ़ारी का पता भी नहीं होता है, किन्तु आपने जिस तरह से इसको प्रस्तुत किया है उससे लगता है कि जीवन में एक बार तो जरूर ही हर इंसान को इसको आनन्द लेना चाहिये। आज की व्यस्तता भरी जिंदगी में समय ही नहीं है लोगों के पास कि वो प्रकृति का आनन्द लें सके। इसको पढ़कर ऊपर वाले के द्वारा बनाई गई प्रकृति कितनी सुन्दर है इसका आभास हो जाता है। दिल में एक नयी उंमग जागी है, दिल करता है फिर से पढूँ, जंगलों, नदियों के पास चली जाऊँ और अपने बचपन में खो जाऊँ। अब तो बस इन्तज़ार है अगले पार्ट का !!
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बहुत जीवंत वृतांत चालू किया है. सफारी पर जाने की इच्छा एक समय से है, पढ़कर लग रहा है, हम स्वयं घुम रहे हैं. बहुत बढ़िया वर्णन है. अगली कड़ियों का इंतजार है. बधाई.
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Bhawna ji aapka lekh padha hamare man me bhi tamanna jagi ha is safar par jane ki jab ham kabhi uganda aayenge to aapse milenge or aapse aagraha karenge ki eak bar aap hame apne sath is yatra par le chale aapke sath yatra karne ka aanand hi alag hoga.agla part jaldi hi bhejiyega intjar men bathi hun. :-
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vibha report abuse
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Aapka aalekh padha... bahut Sunder hai -photographs bhi
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achchhe hain... Visheshkar aapki chhoti beti ki fairy ke baare mein kalpana bahut achchhi lagi :-) report abuse
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सफ़ारी हमारी भी 'विश लिस्ट' (Wish अंग्रेजी वाला
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) में है । कभी कभी आदमी जानवरों से काफ़ी सीख लेता है । आप की बिटिया का नाम अच्छा लगा । एक हमारी भी कनुप्रिया है । कहते हैं ना Great Minds Think Alike report abuse
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भावना जी , आपका यह यात्रा संस्मरण मोहक है । आपका कवि मन इस और सुन्दर बना देता है ,इसमें बच्चों के प्रसंग जोड़कर आपने इसे और प्रभावी बना दिया है ।भाषा का प्रवाह सराहनीय है ।
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ऐश्वर्या व कनु बिटिया को मेरे आशिष ~` परीयोँ की कहानीयाँ हर बच्चोँ के हिस्से आतीँ रहेँ यही मेरी इच्छा है ~ वाह ! सफारी विवरण बढिया शुरु किया है आपने, अगली किस्तोँ का इँतजार रहेगा ~~ आप का मन कितना रम गया होगा कि, आप पैसेवाला बस्ता ही भूल गईँ !! आफ्रीका के बारे मेँ हम बहुत कम बातेँ जानते हैँ - आशा है, आप वहाँ की और भी बातेँ हमेँ सुनायेँगीँ मेरी शुभकामना आपके परिवार के लिये ....लिखती रहिये.. स ` स्नेह, लावण्या report abuse
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Dear Bhawna, The article is very nice and explanation is live. Keep us posted for the next instalment of the safari. Regards, Pankaj & Ujjwala
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The article is really superab, and one can easily feel himself going with you, because, you have discribed this so easily and natural. With regard to innu's fairy tails i know how sweet she is. Keep on going to write more.
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Regards. Nischal report abuse
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याद आ गईं मुझे सरिका के जंगल के मीठे अनुभव
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जुड़े और नैसर्गिकता से जब अपनी आशा के जेवर फिर से दॄश्य उभर आये हैं नयनों के पाटल पर मेरे शांत झील में फ़ैंक गया है लेख आपका आकर कंकर report abuse
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संजय जी, डॉ जगदीश व्योम जी, सपना जी, समीर जी, विभा जी और ललित जी आप सबका धन्यवाद जो आपको ये वृतान्त पंसद आया। जल्दी ही दूसरा पार्ट भी आप सबको पढ़ने को मिलेगा। बहुत-बहुत शुक्रिया।
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अनूप जी आप कभी आईये यहाँ आपका स्वागत है फिर हम सब मिलकर एक बार फिर इस यात्रा पर निकलेंगे। ये अच्छा है कि हमारी बेटियों का नाम एक ही है अच्छा लगा जानकर। वृतान्त पसन्द करने के लिये शुक्रिया।
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रामेश्वर कम्बोज़ जी, लावन्या जी बहुत आभारी हूँ आप दोनों की अपना स्नेह बनाये रखियेगा। सही कहा लावन्या जी मन तो बहुत रम गया था।
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पंकज भैया, उज्जवला जी, निश्चल भैया आप लोगों ने इसको पढ़ा बहुत अच्छा लगा। इस बार इंडिया आने पर आप सबको हिन्दी में लिखना भी सिखाना है याद रखियेगा। तरकश पर आते रहियेगा। आपका शुक्रिया न करने पर आपके नाराज़ होने का भी डर है न, तो बहुत-बहुत शुक्रिया।
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