| रवि-वार्ता | ||
| गुरुवार , , 03 मई | ||
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हिन्दी चिट्ठाजगत में पिछले दिनों बैन यानी प्रतिबंध की बात पर बहुतेइच
बावेला मचा. किस पर बैन लगावें किस पर नहीं और लगावें तो क्यों और न
लगावें तो क्यों. बावेला तो खूब मचा, पर ससुरी बैन वहीं की वहीं रह गई. वो
न टस हुई न मस हुई.
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टिप्पणियाँ
(6)
हमें लगातार सजग रहना चाहिए ताकि देख सकें कि और क्या क्या बैन हो सकता है
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रवी जी बहुत अच्छा आडिया है पसंद आया हमको भी कुछ लोगो के लिखने पर बैन लगवाने की इच्छा है आप हमारी हमारी पीठ खुजाओ हम आपकी पीठ खुजाने के लिये तैयार है आस्ट्रेलिया के खिलाफ़ बैन लगाने मे हम आपको पूरा समर्थन देगे लगे न ल्गे वो आप जानो,पर आप जर इन पर तो लगवा ही दो.
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समीर भाई ,जीतू भाई, काकेश जी,सृजन जी ,इन सब पर बैन होना चाहिये सारी टिप्पणिया इन्ही के खाते मे सारे हिट इन्ही को मिलते है तो बाकी लोग कैसे उपर उठेगे,हा ये नारद भी ळिखने लगे है इन पर भी और आप तो हमारी फ़रियाद से पिघल कर तरकश पर अपने आप बैन लगाही लोगे भाई नये ब्लोगरो को भी तो हिट का सवाद चखने दो,कम से कम छै महीने तो होना ही चाहिये report abuse
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क्रिकेट को कभी भद्र जनों का खेल कहते थे. क्रिकेट इज जेंटलमेन्ज गेम. पर ई आस्ट्रेलियाई लोग तो कौउनो जेंटलनेस नहीं दिखाता है. पूरा का पूरा 29 मैच जीत गया और लगातार 3 विश्वकप ले गया. ई का बात हुई? कुछ जेंटलनेस दिखाओ भई, दो मैच आपे जीतो दो हमको भी जीतने दो. ये तो ब्रूटल है - कि सामने वाले को जीतने का कोई मौकाइच न दो. अब बैन नहीं लगेगा तो क्या?
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अब जब हर बार ऑस्ट्रेलिया ही जीतेगा तो मैच कराने का का फायदा. पहले ही कप दे दुआ के छुट्टी पटा दो. बिल्कुल सई बोला जी, हम भी समर्थन करता हूँ। जब कप ऑस्ट्रेलिया को मिलना है तो काहे इतना टंटा करते हो भईया। इत्ता टाइम और पैसा बर्बाद! report abuse
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