| Podcast: जितेन्द्र चौधरी से बातचीत |
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| रविवार , , 13 मई | |||
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टिप्पणियाँ
(11)
बहुत दिल खोल कर बात की जीतू ने, सवाल भी बहुत बढ़िया, अच्छी तैयारी की खुशी ने। खुद पॉडकास्ट बनाने के बाद अब समझ पाता हूं कि इसमें कितनी मेहनत लगती है। रेपिड फायर राउंड तो खतरू है भैया, "पंगेबाज या मुहल्ला?":-, "ईस्वामी या देबाशीष?"
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, जीतू पड़ गये असमंजस में मस्त बातचीत रही और लिज़ हर्ले वाले जवाब से कुछ राज़ भी खुल गये बढ़िया प्रयास खुशी report abuse
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खुशी, हमारे जीतू भाई और रितु भाभी से मिलवाने के लिये बहुत् शुक्रिया. आज के खास दिन पर रितु भाभी को हमारी भतीजी की मां होने पर हार्दिक बधाई और् शुभकामनाएं!
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सबके प्यारे हमारे जीतू भाई का इंटरव्यू सुनाने के लिये बहुत बहुत धन्यवाद।
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जीतू भाई की बातें सुन कर बहुत अच्छा लगा। आधा सुना तो नेट डाऊन हो गया था। पूरा सुनने तक चैन नहीं आया, खास कर जब देबू दा की टिप्पणी पढ़ ली थी। तरकश टीम को बधाई। अगली बार देबू दा को भी लाया जाये तरकश पॉडकास्ट में। report abuse
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जितनी खूबी से खुशी ने सवाल किये वैसे ही जीतू भाई (ताऊ जी...
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...ये हम नहीं कह रहे है) ने अपने बेहतरीन अंदाज में जबाब दिये. अच्छा लगा. बधाई. report abuse
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बातचीत करीब १५ मिनट की रही फिर भी लगा अरे अभी शुरू हुये अभी खतम! वैसे ये जीतू बहुत 'रागिया आइटम' हैं।
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खुशी को टहला दिया। इनका इंटरव्यू तो हम और स्वामीजी कभी लेंगे तब असल बातें सामने आयेंगी। वैसे इंटरव्यू सुनते-सुनते तमाम सारी बातें याद आ गयीं। शुरुआत में जीतू धुंआधार लिखते थे। हर ब्लाग पर उचककर टिपियाते थे। लड़े-झगड़े भी बहुत। एक बार अतुल ने शायद मेरे ब्लाग पर टिप्पणी लिखी थी - 'आपने और जीतू भाई ने हिंदी ब्लाग जगत के शान्त पड़े तालाब में हलचल मचा दी है।' जीतेंद्र का उत्साह गजब का है। इस उत्साह के चलते तमाम काम हुये। कुछ दिन बाद जब सैकड़ो /हजारो ब्लागर हिंदी चिट्ठाजगत में आयेंगे तब जब भी हिंदी चिट्ठाजगत की बात होगी तो उसमें जीतू के तमाम योगदान याद किये जायेंगे। जीतेंन्द्र की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये अपने विचार के खिलाफ़ लोगों से भी जुड़ने में अपने अहं को आड़े आने नहीं देते। अब इनके बारे में क्या बतायें क्या छोड़ें! बहरहाल इस बातचीत को सुनना बहुत बेहतरीन अनुभव रहा बावजूद इस सोच के कि जितना कहा गया उससे बहुत ज्यादा अनकहा है अभी! खुशी और पंकज और तरकश टीम को बधाई जो आज जीतेंन्द्र से रूबरू कराया! report abuse
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खुशी के सवाल और जीतू भाई के जवाब , बेहतरीन।
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खुशी से एक शिकायत, उन्होनें जीतू भाई से यह तो पूछा कि भाभी जी को उन्होनें कैसे प्रपोज़ किया था , लेकिन भाभी से प्रपोज़ करने से पहले किस किस को ट्राई या लाईन मारी थी यह भी पूछना था ना क्योंकि भाभी तो साथ में ही खड़ी थी सुनते हुए। report abuse
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मजा आया सुनकर। जीतू भैया का प्रपोजल मजेदार था। कसम से उसकी तो विडियो फुटेज होनी चाहिए।
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@जीतू - वापिस भारत बसने के बारे में यहाँ, सिलिकन वैली जहाँ देसी शायद दुनिया में सबसे अधिक हैं, एक नियम है कि मैं (अ 3) साल के बाद वापिस चला जाऊंगा। यहाँ अ की मात्रा घटती बढ़ती रहती है। बाकी "नारद एक विचार है" सही है कहीं आप आज कल कोई उपनिषद या पुराण इत्यादि तो नहीं पढ़ रहे। क्यूंकि अपने देवता लोग भी कोई व्यक्ति विशेष न हो कर पदवियां है जैसे कि हर युग का इन्द्र अलग होता है। @तरकश टीम - अच्छे काम के लिए बहुत बधाई। एक पॉडकॉस्ट जिसे हम 15 मिनट में सुन लेते हैं, बनाने में काफी मेहनत लगती है। इसे ध्यान में रखते हुए डबल बधाई। पंकज report abuse
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भाई वाह, यहाँ हम और हमारी जासूस दोनो ये चिट्ठा पढ़कर बहुत देर तक हंसते रहे। जितेन्द्र जी की यह बात कि विचार महत्वपूर्ण है न कि व्यक्ति दिल को छू गई। प्रपोज़ करने की तकनीक पसंद आई, पूरा इंटरव्यू अच्छा लगा कनपुरिया टच लिए हुए। अरे हाँ, अभी कल हमारे एक मित्र हमको मिले वे बता रहे थे कि अगले रविवार को सिएटल में कानपुर में रहने वाले लोगों की गोष्ठी हो रही है, वे भी जा रहे हैं। (लखनऊ वाले नाट एल्लाउड हैं नहीं तो हम भी हो आते।)
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खुशी को इतने बढ़िया साक्षात्कार के लिए बहुत धन्यवाद और बधाईयाँ। report abuse
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अच्छा साक्षात्कार रहा।
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जीतू भाई को और मुझे एक ही गज़ल पसन्द है। report abuse
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