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Podcast: जितेन्द्र चौधरी से बातचीत
हॉटलाइन
रविवार , , 13 मई

khusi-podcast


खुशी बेंगाणी


 

 

Hertz

44,100

 

Format

MP3

 

Duration

17M 13S

 

Format

16 Bit, Stereo

 

Recorded at

Chhavi Lab
Ahmedabad, IND

 

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तरकश होटलाइन पर इसबार सुनिए श्री जितेन्द्र चौधरी को और जानिए उनके बारे में उनकी ही आवाज़ में. जितेन्द्र चौधरी हिन्दी के सबसे पुराने एवं अनुभवी चिट्ठाकारों में से हैं. हिन्दी चिट्ठाजगत में जितेन्द्र चौधरी का योगदान अतुलनीय है. हिन्दी चिट्ठाकारीता की रीढ माने जाने वाला नारद प्रोजेक्ट जितेन्द्र चौधरी उर्फ जितुजी के भागीरथ प्रयासों एवं उनकी संगठन क्षमता का ही फल है. खुशी ने श्री जितेन्द्र चौधरी से लम्बी बातचीत की जिसमें कई अनजानी एवं अंतरंग बातों से पर्दा भी उठा. 

 


 

  

 
 
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टिप्पणियाँ (11)add
खतरू राउंड
द्वारा प्रेषित Debashish , मई 13, 2007
बहुत दिल खोल कर बात की जीतू ने, सवाल भी बहुत बढ़िया, अच्छी तैयारी की खुशी ने। खुद पॉडकास्ट बनाने के बाद अब समझ पाता हूं कि इसमें कितनी मेहनत लगती है। रेपिड फायर राउंड तो खतरू है भैया, "पंगेबाज या मुहल्ला?":-, "ईस्वामी या देबाशीष?" smilies/shocked.gif, जीतू पड़ गये असमंजस में smilies/wink.gif मस्त बातचीत रही और लिज़ हर्ले वाले जवाब से कुछ राज़ भी खुल गये smilies/grin.gif बढ़िया प्रयास खुशी smilies/smiley.gif
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mere bhai aur bhabhi se meri mulakaat via khushi ! :)
द्वारा प्रेषित rachana , मई 13, 2007
खुशी, हमारे जीतू भाई और रितु भाभी से मिलवाने के लिये बहुत् शुक्रिया. आज के खास दिन पर रितु भाभी को हमारी भतीजी की मां होने पर हार्दिक बधाई और् शुभकामनाएं!
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बहुत अच्छा लगा !
द्वारा प्रेषित जगदीश भाटिया , मई 13, 2007
सबके प्यारे हमारे जीतू भाई का इंटरव्यू सुनाने के लिये बहुत बहुत धन्यवाद।
जीतू भाई की बातें सुन कर बहुत अच्छा लगा।
आधा सुना तो नेट डाऊन हो गया था। पूरा सुनने तक चैन नहीं आया, खास कर जब देबू दा की टिप्पणी पढ़ ली थी।
तरकश टीम को बधाई।
अगली बार देबू दा को भी लाया जाये तरकश पॉडकास्ट में।
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बहुत बेहतरीन
द्वारा प्रेषित समीर लाल , मई 13, 2007
जितनी खूबी से खुशी ने सवाल किये वैसे ही जीतू भाई (ताऊ जी... smilies/grin.gif ...ये हम नहीं कह रहे है) ने अपने बेहतरीन अंदाज में जबाब दिये. अच्छा लगा. बधाई. smilies/grin.gif
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जीतेंन्द्र से बातचीत
द्वारा प्रेषित अनूप शुक्ला , मई 13, 2007
बातचीत करीब १५ मिनट की रही फिर भी लगा अरे अभी शुरू हुये अभी खतम! वैसे ये जीतू बहुत 'रागिया आइटम' हैं। smilies/smiley.gif खुशी को टहला दिया। इनका इंटरव्यू तो हम और स्वामीजी कभी लेंगे तब असल बातें सामने आयेंगी। smilies/smiley.gif वैसे इंटरव्यू सुनते-सुनते तमाम सारी बातें याद आ गयीं। शुरुआत में जीतू धुंआधार लिखते थे। हर ब्लाग पर उचककर टिपियाते थे। लड़े-झगड़े भी बहुत। एक बार अतुल ने शायद मेरे ब्लाग पर टिप्पणी लिखी थी - 'आपने और जीतू भाई ने हिंदी ब्लाग जगत के शान्त पड़े तालाब में हलचल मचा दी है।' जीतेंद्र का उत्साह गजब का है। इस उत्साह के चलते तमाम काम हुये। कुछ दिन बाद जब सैकड़ो /हजारो ब्लागर हिंदी चिट्ठाजगत में आयेंगे तब जब भी हिंदी चिट्ठाजगत की बात होगी तो उसमें जीतू के तमाम योगदान याद किये जायेंगे। जीतेंन्द्र की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये अपने विचार के खिलाफ़ लोगों से भी जुड़ने में अपने अहं को आड़े आने नहीं देते। अब इनके बारे में क्या बतायें क्या छोड़ें! smilies/smiley.gif बहरहाल इस बातचीत को सुनना बहुत बेहतरीन अनुभव रहा बावजूद इस सोच के कि जितना कहा गया उससे बहुत ज्यादा अनकहा है अभी! खुशी और पंकज और तरकश टीम को बधाई जो आज जीतेंन्द्र से रूबरू कराया!
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उम्दा
द्वारा प्रेषित Sanjeet Tripathi , मई 13, 2007
खुशी के सवाल और जीतू भाई के जवाब , बेहतरीन।
खुशी से एक शिकायत, उन्होनें जीतू भाई से यह तो पूछा कि भाभी जी को उन्होनें कैसे प्रपोज़ किया था , लेकिन भाभी से प्रपोज़ करने से पहले किस किस को ट्राई या लाईन मारी थी यह भी पूछना था ना क्योंकि भाभी तो साथ में ही खड़ी थी सुनते हुए।
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मुबारंकां
द्वारा प्रेषित पंकज नरुला , मई 14, 2007
मजा आया सुनकर। जीतू भैया का प्रपोजल मजेदार था। कसम से उसकी तो विडियो फुटेज होनी चाहिए।

@जीतू - वापिस भारत बसने के बारे में यहाँ, सिलिकन वैली जहाँ देसी शायद दुनिया में सबसे अधिक हैं, एक नियम है कि मैं (अ 3) साल के बाद वापिस चला जाऊंगा। यहाँ अ की मात्रा घटती बढ़ती रहती है।

बाकी "नारद एक विचार है" सही है कहीं आप आज कल कोई उपनिषद या पुराण इत्यादि तो नहीं पढ़ रहे। क्यूंकि अपने देवता लोग भी कोई व्यक्ति विशेष न हो कर पदवियां है जैसे कि हर युग का इन्द्र अलग होता है।

@तरकश टीम - अच्छे काम के लिए बहुत बधाई। एक पॉडकॉस्ट जिसे हम 15 मिनट में सुन लेते हैं, बनाने में काफी मेहनत लगती है। इसे ध्यान में रखते हुए डबल बधाई।

पंकज
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खुशी को इतने बढ़िया साक्षात्कार के लिए बहुत धन्यवाद और बधाईयाँ।
द्वारा प्रेषित अभिनव , मई 14, 2007
भाई वाह, यहाँ हम और हमारी जासूस दोनो ये चिट्ठा पढ़कर बहुत देर तक हंसते रहे। जितेन्द्र जी की यह बात कि विचार महत्वपूर्ण है न कि व्यक्ति दिल को छू गई। प्रपोज़ करने की तकनीक पसंद आई, पूरा इंटरव्यू अच्छा लगा कनपुरिया टच लिए हुए। अरे हाँ, अभी कल हमारे एक मित्र हमको मिले वे बता रहे थे कि अगले रविवार को सिएटल में कानपुर में रहने वाले लोगों की गोष्ठी हो रही है, वे भी जा रहे हैं। (लखनऊ वाले नाट एल्लाउड हैं नहीं तो हम भी हो आते।)
खुशी को इतने बढ़िया साक्षात्कार के लिए बहुत धन्यवाद और बधाईयाँ।

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उत्तम प्रस्तुति
द्वारा प्रेषित राजीव , मई 14, 2007
उत्तरोत्तर उत्तम प्रस्तुति के लिये पुन: बधाई।
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...
द्वारा प्रेषित सागर जैन , मई 14, 2007
अच्छा साक्षात्कार रहा। smilies/smiley.gif
जीतू भाई को और मुझे एक ही गज़ल पसन्द है।
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bhut khub
द्वारा प्रेषित Tarun , मई 15, 2007
जीतू का इंटरव्यू सुनकर बहुत कुछ पता चला, इंटरव्यू भी जबरदस्त रहा। पाडकास्ट में बहुत मेहनत करनी पड़ती है, खुशी को एक बार फिर बधाई। फाईल साईज लगभग १५ एमबी था जिसे अगर दो पार्ट में किया जाता तो आनलाइन प्ले करने के लिये अच्छा रहता।
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