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Podcast : गरवी गुजरात के रंगीले गीत
हमारी आवाज़
शुक्रवार , , 18 मई

khusi-podcast


खुशी बेंगाणी


 

 

Hertz

44,100

 

Format

MP3

 

Duration

4M 44S

 

Format

16 Bit, Stereo

 

Recorded at

Chhavi Lab
Ahmedabad, IND

 

 


1 मई को था गुजरात स्थापना दिवस. इस बार खुशी ने तैयार किया है, गुजरात स्थापना दिवस के मौके पर गरवी गुजरात के लोकगीतों का एक छोटा सा गुलदस्ता. प्रसिद्ध सनेडो लोकगीत से लेकर गरबा की थाप तक... सुनिए और आनंद लीजिए.



 

 

 

 

 

 
 
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टिप्पणियाँ (6)add
achca laga
द्वारा प्रेषित >Shuaib , मई 18, 2007
bahut badhiya - aawaaz bhi achci hey smilies/smiley.gif
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मिट्टी की महक कहां है?
द्वारा प्रेषित नीरज दीवान , मई 18, 2007
इन लोकगीतों में आधुनिकता का प्रभाव स्पष्ट झलक रहा है. मिट्टी की सुगंध नहीं है.. मेरा अनुरोध है कि सुदूर गांवों में गाए जाने वाले लोकगीत जो पारंपरिक वाद्ययंत्रों में सुरबद्ध होते हैं.. वे सुनाए जाएं.. कभी कभार.
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...
द्वारा प्रेषित pankaj bengani , मई 18, 2007
नीरजभाई,


आपकी बात सही है. हम जल्द ही एक पॉडकास्ट विशुद्ध लोकगीतों पर लाएंगे. उसके लिए तैयारीयाँ चल रही है. यह वाली पॉडकास्ट कुछ लोगों की सिफारीश को ध्यान में रखकर की गई है.

smilies/smiley.gif

सुझाव के लिए बहुत धन्यवाद
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वाह
द्वारा प्रेषित समीर लाल , मई 20, 2007
भाई, हमारी अपार खुशी की सीमा नहीं है, खुशी की प्रस्तुतियों को देखकर. अब तो खुशी तुम अपना रेडियो ऑन लाइन शुरु कर ही दो. शायद हम भी मध्य प्रदेश के कुछ लोकगीत तुम्हें दें प्रसारित करने को. smilies/grin.gif और फिर रेडियो पर हमारी तारीफ तो तुम कर ही दोगी, बस यही लालच लगी है. smilies/grin.gif
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gujarati lok geet
द्वारा प्रेषित ek gujarati , मई 21, 2007
enjoyed..good work..bt agreed with niraj-ji
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सभी बढिया ...Keep it up !!
द्वारा प्रेषित Lavanya , मई 27, 2007
खुशी,
हर नवरात्रि के त्योहार की रात्रि मेँ इसी लोक गीत पर हम यहाम यु.एस.के लगभग सभी
शहरोँ मेँ,भारत के उत्सवोँ के साथ हर साल, कुछ क्शण जी लेते है..
सनेडो भी बढिया है..और
'माडी तारा मँदीरीया माम घँटारव गाजे.."..ढोलीडा ढोल रे वगाड "..." मारो सोना नो रे घलूडो रे ..हा पाँणीडा छलके छे ..मारो हेलो साँभळो हो जी रे .."
सभी बढिया ...Keep it up !!
Warm rgds,
Lavanya
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