| दो आदमी, नाम एक, और गफलत अनेक |
| मंतव्य | ||
| शुक्रवार , , 25 मई | ||
|
कुछ दिन पहले मुझे गोल माल और अंगूर फिल्म बहुत याद आई. दोनों ही शानदार कॉमेडी फिल्में थी. दोनों ही फिल्मों में डबल रोल का चक्कर था, और ढेर सारी गफलत थी.
संबंधित आलेख
टिप्पणियाँ
(11)
महाराज आप तो हमे कहो
Votes: +0
सिर्फ पंकज बेंगाणी. पहले से ही शर्मसार हैं.. हो चुके पानी पानी.. report abuse
vote down
vote up
मेरी कँपनी मे एक दो नही पूरे छह के छह आशीष श्रीवास्तव है !
Votes: +0
सभी के मेल आइ डी एक जैसे ही है| अब कहानी कुछ ऐसी है|मेरा मेल आइ डी सबसे अच्छा है , मतलब की ashish और shrivastava दोनो पूरे है| लेकिन एक बन्दे के मेल पते मे srivastava दूसरे के पते मे shrivastav तिसरे के पते मे srivastav ! अब क्या करे shrivastava के साथ जितनी छेडखानी हो सकती कर ली, लेकिन तीन और बचे ! कँपनी वालो ने नाम.उपनाम@कँपनी.काम का फँडा उल्टा कर दिया , मतलब की उपनाम.नाम@कँपनी.काम| तीन नये मेल पते और मील गये है| अब तक तो काम चल गया है| लेकिन अब मै सोच रहा हूँ कि यदि साँतवा आशीष श्रीवास्तव यदि मेरी कँपनी मे आ गया तो उसका क्या होगा ? report abuse
vote down
vote up
बहुत अच्छे.. गोलमाल है भई सब गोल्माल है..
Votes: +0
आशीष जी आप भी संभलियेगा.. report abuse
vote down
vote up
अरे ये तो मेरे साथ भी हो चुका है भाई ...जब मैं मेल एडमिन था ... तो मेरे दो यूजर dkdas और ddas बहुत परेशान रहते थे क्योकि अक्सर एक की मेल दूसरे को मिल जाती थी... एक बार तो ddas जो युवा थे का प्रेम पत्र dkdas जो वाइस प्रेसिडेंट थे के पास पहुंच गया ...जो कि उनकी सेक्रेटरी ने देखा ( वी.पी लोग अपने मेल खुद नहीं देखते थे ) ..और उस पर जो बबाल मचा था
Votes: +0
आप समझ ही सकते हैं... report abuse
vote down
vote up
ये क्या गड़बड़ मचाई हुई है?
Votes: +0
ईमेल के शिष्टाचार पर भी लिख ही दो. फोन और खाने की मेज के तो लिख ही चुके हो. report abuse
vote down
vote up
ये बात समझ में नहीं आई कि जो आई डी बन्द हो चुका है वह किसी दूसरे को कैसे दिया जा सकता है?, कहीं कल को मेरा जीमेल का आईडी कहीं ओसामा बिन लादेन को दे दिया तो मेरा क्या होगा ... कालिये।
Votes: +0
report abuse
vote down
vote up
हमारे परिवार के तो सभी लोगों के नाम एकदम यूनिक हैं.
Votes: +0
चलिये, आप आने वाली पीढ़ी के नाम तो एकदम हटकर रखियेगा. आशीष जी सुन रहें हैं क्या आप? report abuse
vote down
vote up
हा हा ये भी खूब रही, भईया किसी जमाने में मैं सोचता था कि मेरा नाम Shrish बहुत यूनीक है लेकिन एक गूगल सर्च मारो तो 33,000 रिजल्ट मिलते हैं।
Votes: +0
आजतक मैं उस गलत इंसान को भगवान जाने कितनी फायले भेज चुका हुं , जिनका उनसे कोई सरोकार ही नही हैं. पर अब क्या हो सकता है. अब एक और मेल उस पते पर करो और माफी मांगते हुए इस लेख का लिंक भेज दो। report abuse
vote down
vote up
|
||
या बेंगाणी पंकजजी का सम्बोधन हम यहाँ लगायें
सच में ही गफ़लत होती है हमने भी ये महसूसा है
जो भी हो क्या हल है इसका,जान सकें तो हमें बतायें