| नए गाने भी मधुर होते हैं, जनाब!! |
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| सोमवार , , 28 मई | |||
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टिप्पणियाँ
(2)
अधूरा रहा इस बार खुशी
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साथ में कुछ पुराने बेकार गानों को सुनाती तो सार्थक होता। दूसरी बात नये गाने भी उतने अच्छे नहीं सुना पाई आप, इससे भी कई बेहतर गाने बने हैं। पुराने और नये गानों में फर्क अपनी व्यक्तिगत पसंदगी है किसी को आयेगा आने वाला... पसन्द आता है तो किसी को जब तक रहेगा समोसे में आलू और चांदी की साईकिल सोने की सीट... जैसे गाने पसन्द आते हैं। यह तो मानना ही होगा कि स्तर तो पहले की तुलना में बहुत नीचे उतर गया है। report abuse
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