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उडान की दिलचस्प लडाई का नज़ारा |
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मिडिया खबर
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शनिवार , , 30 जून |
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पंकज बेंगाणी
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भारतीय आसमान में कई सारी नई निजी एयर-लाइन कम्पनीयों के आ जाने के बाद, नागरिक उड्डयन का पूरा परिदृश्य ही बदल गया है. अब भारत का हर छोटा क़स्बा जहाँ पर हवाई पट्टी है, देश के बडे शहरों से जुड़ने लगा है. हवाई सफर की कीमतें घटी हैं और साथ ही साथ गला काट स्पर्धा का दौर शुरू हो चुका.
एक तरफ प्रतिस्पर्धा के चलते एयरलाइंस अपने यात्री किरायों को एक हद से ज्यादा नहीं बढा पा रहे हैं, वहीं अपने आप को दूसरी कम्पनी से अलग दिखाने की होड सी मची हुई है. यह सही है कि भारत का उड्डयन बाज़ार उल्लेखनीय गति से बढा है. मध्यमवर्गीय भारतीय नागरिक आज जरूरत पडने पर हवाई सफर करने के लिए सोच सकता है, यह स्थिति आज से तीन चार साल पहले तक नहीं थी.
मार्केटिंग और विज्ञापन की बात करें तो उड्डयन क्षेत्र की गला काट स्पर्धा के चलते हमें कुछ बहुत ही दिलचस्प केम्पेन देखने को मिल जाते हैं. कुछ दिनों पहले ऐसा ही कुछ देखने को मिला मुम्बई की एक सडक के किनारे लगे बिलबॉर्ड में.
शुरूआत हुई जेट एयरवेज़ के विज्ञापन से. एयर सहारा का अधिग्रहण करने के बाद इस कम्पनी ने अपना ब्रांड मेकऑवर किया. हांलाकि लोगो का डिज़ायन तो वही रखा गया लेकिन क्रू मेम्बर का परिधान और साज सज्जा बदल दी गई. इसी का विज्ञापन करने हेतु कम्पनी ने यह बिलबॉर्ड लगाया. संदेश दिया गया - हम बदल गए हैं.
अब बारी थी उस एयरलाइन की जो तेजी से आगे बढती जा रही है, और जेट एयरवेज़ जैसी नियमित और मैयनस्ट्रीम एयर-लाइन के लिए कडी प्रतिस्पर्धक साबित हो रही है. यह है विजय माल्या द्वारा प्रोमोटेड किंगफिशर एयर-लाइन. इस एयर-लाइन ने जेट के बिलबॉर्ड के ठीक उपर अपना विज्ञापन लगाया. और इस विज्ञापन की दिलचस्प टेगलाइन देखिए - हमने उन्हे बदलने को मजबूर किया!
यह तो ठीक लेकिन कुछ दिनों बाद इनके मुकाबले काफी छोटी बजट एयर-लाइन गो एयर भी मैदान में कूद पडी और इन दोनों बिलबॉर्ड के उपर अपना विज्ञापन लगा दिया, और टेगलाइन देखिए - हम नहीं बदले, हम आज भी उडने का सबसे स्मार्ट जरीया हैं!
नतीजा तो शायद कुछ भी ना निकले पर यह बहुत ही दिलचस्प विज्ञापन मुकाबला रहा.
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दिलचस्प..!!!