| पंकजजी नमस्कार! |
| मंतव्य | ||
| सोमवार , , 16 जुलाई | ||
काव्य सम्राट: पंकजजी नमस्कार
पंकज: नमस्कार काव्य सम्राट: कैसे हैं? पंकज: मैं ठीक हुं (आ जाइए ना बात पर....) काव्य सम्राट: मेरी नई कविता पढी? पंकज: जी, मैं कविताएं नहीं पढ़ता अधिकतर काव्य सम्राट: 35 टिप्पणियाँ हो गई हैं, आपकी नहीं दिखी. पंकज: मैने नहीं पढी होगी. काव्य सम्राट: कृपया टिप्पणी देकर उत्साहवर्धन करें. पंकज: जी ज़रूर. (आपको अभी भी उत्साहवर्धन की जरूरत है! ) एक घंटे बाद काव्य सम्राट: पंकजजी नमस्कार पंकज: नमस्कार काव्य सम्राट: टिप्पणी नहीं दी, अब 36 हो गई हैं. पंकज: थोड़ा व्यस्त था, अभी दे देता हुं. काव्य सम्राट: कोई बात नहीं आराम से पंकज: :) एक घंटे बाद काव्य सम्राट: पंकजजी नमस्कार पंकज: नमस्कार, बस टिप्पणी ही दे रहा हुं. अब 38 हो जाएंगी! काव्य सम्राट: आपने कविता पढी? पंकज: जी, बहुत सुन्दर रचना है. (शायद सुन्दर ही होगी) काव्य सम्राट: धन्यवाद. पंकज: कोई बात नहीं, आगे से नियमित देता रहूँगा. दिन 2 हिन्दी सेवक: पंकज जी नमस्कार पंकज: नमस्कार हिन्दी सेवक: कैसे हैं? पंकज: मैं ठीक हुं. हिन्दी सेवक: और क्या हाल! पंकज: बस चल रहा है. (मुद्दे पर आइए भाई) हिन्दी सेवक: आपकी तरकश देखी, बहुत बढ़िया है. पंकज: जी धन्यवाद. हिन्दी सेवक: आप ग्राफिक के मास्टर हैं, हम तो विद्यार्थी हैं. पंकज: अरे ऐसी क्या बात है. हिन्दी सेवक: हम सब हिन्दी की सेवा ही तो कर रहे हैं. पंकज: जी (वाकई! मुझे तो पता ही नहीं था) हिन्दी सेवक: एक छोटा सा काम था, एक बैनर बना कर दे सकते हैं. ये ये ये ये डिटेल है. आपके लिए तो बाँये हाथ का काम है. पंकज: जी, समय मिलते ही हम कर देंगे. हिन्दी सेवक: अरे आराम से, कोई जल्दी नही है. पंकज: :) दूसरे दिन हिन्दी सेवक: पंकज जी नमस्कार पंकज: नमस्ते हिन्दी सेवक: जी, वो बैनर का कुछ हुआ फिर पंकज: माफी चाहता हुं, दिमाग से निकल गया. हिन्दी सेवक: कोई नहीं, ये ये ये ये डिटेल है. पंकज: धन्यवाद हिन्दी सेवक: थोड़ा जल्दी हो जाए तो अच्छा रहेगा. ;) पंकज: कोशिश करते हैं. तीसरे दिन: हिन्दी सेवक: पंकजजी नमस्कार, यार वो बैनर का क्या हुआ? पंकज: जी वही बन रहा है. चौथे दिन: हिन्दी सेवक: पंकज जी नमस्कार पंकज: :) हिन्दी सेवक: बैनर बहुत ही बढिया बना है, बस मामुली सा ऐसा नहीं कर सकते कि चलते घोड़े को उड़ता घोड़ा बना दें, नीला रंग कुछ जम नहीं रहा पीला कर दें, और बाकी आप अपने हिसाब से देख लें क्या हो सकता है. पंकज: अ... जी. (अपने हिसाब से देख लें?) दिन 6 पंचायत नरेश: पंकजजी नमस्कार पंकज: नमस्कार पंचायत नरेश: और क्या हाल पंकज: बस... पंचायत नरेश: आप तो मास्साब हैं. पंकज: अरे वो सब बीती बाते हैं.. हा हा.. पंचायत नरेश: अजी कहाँ, आपसे सीखते हैं.. पंकज: नहीं मालिक, मैं सिखाने जैसा कुछ कहाँ करता हुं. पंचायत नरेश: एक छोटा सा काम था... खैर वो बाद में. पंकज: जी आप मुझे मेल कर दें, मैं थोड़ा व्यस्त हुं. पंचायत नरेश: कोई बात नहीं, हम तो ऐसे ही कुछ ना कुछ सोचते रहते हैं, मौहल्ले के बारे में आपके क्या विचार हैं? पंकज: मेरे कोई विचार नहीं है. पंचायत नरेश: ही ही ही पंकज: :) (अब इसमें ही ही ही कि क्या बात है) दिन 7 खपाऊ: पंकजजी नमस्कार (टास्क बार > गूगल टॉक > राइट क्लिक > साइन ऑफ)
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टिप्पणियाँ
(18)
पंकजजी नमस्कार,
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हमें तो अब नमस्कार करते सोचना पड़ेगा, (आपके दिमाग में क्या चल रहा है)। बहुत अच्छा report abuse
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पंकज जी नमस्कार!!
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तभी मैं कहूं कि उस दिन आप अचानक साईन आउट क्यों हो गए थे, अब समझ में आया लोचा!! report abuse
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खपाऊ
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नमस्कार मित्र, खपाने के लिए अभी उपस्थित नहीं है. विपुल नही आप मजे से कभी भी नमस्कार कर सकते हैं Sanjeet Tripathi चलिए जी, देर आयद दुरस्त आयद report abuse
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आशा है, अब आपको इन नमस्कारों से कुछ हद तक निजात मिल सकेगी ! report abuse
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पंकज जी नमस्कार!!
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लेकिन हमारी व्यक्तिगत बातों को इस तरह सार्वजनिक करने का आपको कोई हक नहीं है.आप को नमस्कार अच्छा ना लगे तो सलाम वालेकुम या सत श्री अकाल कह देंगे पर .. चलिये वो मेरे बैनर का क्या हुआ.जब भी टाइम मिले देख लें. वैसे कोई जल्दी नहीं है..और वो नयी कविता पर आपका कॉमेंट आया ही नहीं अब तो हमने भी कर दिया आप भी कर ही दें. फिर आपसे चैट पर मिलते हैं ..अरे मास्साब आप भी ना बुरा मान गये ..:-) report abuse
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namaskaar jI pankaj jI,krupyaa turant mere check Bhej de,saath me do caar graafics bhi bhejegaa to chlegaa.
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सृजन शिल्पी
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आशा है, अब आपको इन नमस्कारों से कुछ हद तक निजात मिल सकेगी ! आप तो बुरा मान गए. kakesh अरे मल्टी टास्किंग काहे करवा रहे हैं.. पुराना सिस्टम है, एक एक होगा. arunarora do caar graafics bhi bhejegaa चलिए बताइए आपको किस किस रूप में दिखाया जाए. report abuse
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भाई हम तो नमस्कार भी करेंगे और तंग भी करेंगे, आप चाहे हमारा नमस्ते देखते ही लागआउट कर जायें तो भी
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अगली बार जब भी दिखे ओनलाइन तो नमस्ते तो जरूर करुंगा report abuse
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इसीलिए तो हम न तो गूगल टॉक के फेर में पड़ते हैं न ही मेलबाजी पर यकीन करते हैं
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... अपन तो तो बस फोन उठाते हैं और दूसरी तरफ से हैलो सुनने से पहिले फुट पड़ते हैं... संजय भाई या पंकज भाई। अब निकालो इसकी तोड़... फोन से साइन आउट तो कर नहीं सकते report abuse
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जगदीश भाटिया
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भई भाटिया जी आप तो जोर जबरदस्ती पर उतर आए तो अब हम का करी? चलिए नमस्ते का इंतजार रहेगा. शशि सिंह हा हा हा , शशिभैया, इसका तो कौनो इलाज नाहीं.. यह तो आपका भोजपुरिया रामबाण है. report abuse
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नमस्कार पंकज भाई
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अरे यार मेरे वो ब्लॉग हैडर का क्या हुआ? अभी तक बना या नहीं? और वो मेरे फोटो को रजनीकांत की तरह गोरा बनाने वाले थे उसको भी बहुत दिन हो गये!! चैट पर तो दिखते नहीं, फोन भी मेरा नंबर देख कर नहीं उठाते हो , बस अब यही एक रास्ता बचा है। report abuse
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सागर नाहर
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हाँ हाँ ढुंढो ढुंढो ना ना प्रकार के रास्ते ढुंढो.. हम तो बैठे ही है बली चढने.. आ जाओ भाईसा. report abuse
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पंकज भैया अब हम तो नमस्कार की बजाय सीधे ही काम की बात कहेंगे क्या पता नमस्कार के चक्कर में अगली पोस्ट में हम ही हों
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पंकज जी नमस्कार,
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ब हू हू, टिप्पणी करने से पहले सोचना पड़ा कि ऊपर नमस्कार करने वालों में कहीं हम भी तो नहीं। वैसे नमस्कार की बजाय गुड मार्निंग, हाई वगैरा चलेगा क्या? report abuse
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अनूप शुक्ल
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नमस्कार चाचु. भुवनेश भाई सावधानी हटी दूर्घटना घटी. क्या ख्याल है. श्रीश शर्मा गुड मोर्निंग कहेंगे तो अंग्रेजी मे आपकी पोस्ट उतारनी पडेगी. सोच लीजिए . report abuse
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