| चीन के मुँह पर थप्पड |
| रोचक विज्ञापन | ||||||||||||||||
| गुरुवार , , 27 सितम्बर | ||||||||||||||||
Set as favorite
Bookmark
Email This
टिप्पणियाँ
(7)
द्वारा प्रेषित प्रभात टान्डन , सितम्बर 27, 2007
दर्दनाक दृशय ! अपने देश के कम्नयूसटॊं को अवशय देखना चाहिये ।
Votes: +0
report abuse
vote down
vote up
टिप्पणी देने के लिए धन्यवाद. हाँ जरूर देखना चाहिए पर शायद ही उनको अक्ल आए.
Votes: +0
report abuse
vote down
vote up
द्वारा प्रेषित सुरेश चिपलूनकर , सितम्बर 27, 2007
यहाँ के कम्युनिस्ट देख भी लें तो क्या, ये तो उनके लिये "फ़ेमिलियर" चित्र हैं, सिंगूर और नन्दीग्राम में इसकी एक झलक हम देख चुके हैं,
Votes: +0
report abuse
vote down
vote up
यहाँ के कम्युनिस्ट देख भी लें तो क्या, ये तो उनके लिये "फ़ेमिलियर" चित्र हैं, सिंगूर और नन्दीग्राम में इसकी एक झलक हम देख चुके हैं, sahi farmaya report abuse
vote down
vote up
द्वारा प्रेषित नीरज दीवान , सितम्बर 27, 2007
सही है. चीन का "लौह आवरण" अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का गला घोट चुका है. व्यवहारिक धरातल पर बिना डंडे के कम्युनिज़्म रहा ही नहीं है.
Votes: +0
एमनेस्टी इंटरनेशनल के हवाले से चित्र छापे हो गुरू. इसी मानवाधिकार संगठन ने भारत पर कई कमेंट मारे हैं. ख़ासकर गुजरात के संदर्भ में. उन पर भी ध्यान दिया कीजिए. 'मीठा गप कड़वा थू' नहीं होना चाहिए. report abuse
vote down
vote up
'मीठा गप कड़वा थू' नहीं होना चाहिए. टिप्पणी के लिए धन्यवाद. ध्यान रखेंगे कि 'मीठा गप कड़वा थू' ना हो. आपके विचार प्रस्तुत करने का शुक्रिया. आशा है मार्ग दर्शन मिलता रहेगा. report abuse
vote down
vote up
|
||||||||||||||||