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Podcast : धूनों की हेराफेरी - 2 |
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हमारी आवाज़
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रविवार , , 14 अक्टूबर |
| खुशी बेंगाणी Hertz 44,100 Format MP3 Duration 8M 32S Format 16 Bit, Stereo Recorded at Chhavi Lab Ahmedabad, IND | हमारे पिछले एपिसोड में आपने देखा था कि बॉलिवुड में धूनों की हेराफेरी का खेल नया नही है बल्कि पुराने और मंजे हुए संगीतकार भी इसका लाभ उठाते रहे हैं. यह ट्रेन्ड आज भी जारी है. इस एपिसोड में खुशी पडताल कर रही है अनु मलिक के कुछ गानों की और इन गानों की धूने जिन पाश्चात्य धूनों से प्रेरित है उन धूनों की.
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भई कुछ महीनों पहले ऐसा ही कुछ अपन ने लिखा था.. आज सुनकर मज़ा आ गया। टीपने का काम सभी करते हैं। कुछ इसे इन्सपरेशन कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। इस टीपाटापी में सिर्फ़ अनू मलिक पर उंगली नहीं उठायी जा सकती। शंकर जयकिशन, सलिल चौधरी, चिदलकर रामचंद्र, आरडी बर्मन जैसे संगीतकारों ने भी कई गाने टीपकर रचे थे। बावजूद इसके सभी बेतहाशा मौलिक धुने भी रचते थे। अनु ने भी कई फ़िल्मों में सुंदर मौलिक धुनें दी हैं.. जिसमें बॉर्डर, रिफ्यूजी अहम हैं।