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तकनीक
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शनिवार , , 20 अक्टूबर |
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Team Tarakash
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कम्प्यूटर वायरस के बारे में तो हम सभी जानते भी हैं और हम सभी इसकी मार झेल भी चुके होंगे. लेकिन मोबाइल वायरस के बारे मे इस समय अधिक जानकारी उपलब्ध नही है. यह भी सच है कि मोबाइल फोन जिस तेजी से बढ रहे हैं उतनी तेजी से मोबाइल वायरस नही फैले हैं. कहने का मतलब यह कि अभी तक मोबाइल तकनीक खतरनाक वायरस हमलों से अछूती रही है. लेकिन भविष्य मे क्या होगा यह कहना मुश्किल है. बहरहाल ऐसा भी नही है कि मोबाइल वायरस का दुष्प्रभाव फैला ही नही है. मोबाइल वायरस कम ही सही लेकिन सक्रिय ज़रूर हैं. आइए जानते है कुछ खतरनाक मोबाइल वायरस के बारे में.
1. Kabir: हाँ कबीर. वैसे यह एक वायरस ना होकर कम्प्यूटर तकनीक की भाषा मे कहे तो ट्रोजन था. 2004 के दौरान अमरीका और यूरोप के बाजारों मे फैले इस वायरस की चपेट मे लाखो की संख्या मे मोबाइल फोन आए थे. हालाँकि इस वायरस ने अधिक नुकसान तो नही पहुँचाया. परंतु उसे मिटाने के लिए प्रोग्राम बनाना पडा और मोबाइल सेवा देने वाली कंपनियों को अपने ग्राहकों मे इस सोफ्टवेर को बाँटने की और उन्हें जागरूक करने की जहमत उठानी पडी. आज इस वायरस का अधिक प्रभाव नही है. और इसके बारे मे अधिक जानकारी भी उपलब्ध नही है.
2. Skulls: यह एक खतरनाक मोबाइल वायरस है. यह वायरस आज भी सक्रिय है और मोबाइल द्वारा नेट सर्फ़िंग करने और फायले डाउनलोड करते समय यह आपके मोबाइल मे प्रवेश कर सकता है. हालाँकि यह वायरस कौन कौन से हेंडसेट पर प्रभावी है यह ज्ञात नही है. परंतु यह आपके मोबाइल स्क्रीन के सभी आइकन बदल कर खोपड़ी के जैसे बना सकता है. और आपके मोबाइल फोन से नेट सर्फ़िंग जाम कर सकता है. यानि की इस वायरस की चपेट मे आने के बाद आपका मोबाइल महज फोन ही रहेगा, आप उससे सर्फ़िंग नही कर पाएंगे.
3. Lockout: मार्च 2005 के दौरान यह वायरस लोगों के ध्यान मे आया. यह वायरस आपके मोबाइल की RAM को बिगाड सकता है. मेमरी क्रेश होने के बाद मोबाइल की कार्य प्रणाली बिगड जाती है. फोन कोल्स तो हो सकते हैं परंतु फोन डायरेक्टरी और कॉल रिकॉर्ड के साथ साथ अन्य सभी सुविधाएँ बाधित हो जाती है.
4. Timofonica: यह एक स्पेनिश वायरस था. किसी समय इस वायरस ने स्पेन के हजारों मोबाइल फोन धारको को परेशान किया था. यह वायरस मोबाइल फोन मे घुस कर फोन मेमरी मे स्थित सभी नंबरों पर अपने आप मैसेज भेजने लगता था. इससे उस मोबाइल फोन धारको को ना जाने कितने SMS का भुगतान करना पडता. यह वायरस SMS के साथ खुद को भी दूसरे मोबाइल नेटवर्क तक पहुँचा देता था.
5. Fontal: यह बहुत ही खतरनाक वायरस है. यदि कोई मोबाइल फोन इस वायरस की चपेट मे आ जाए तो यह वायरस उस मोबाइल के माइक्रो प्रोसेसर तक को खराब कर सकता है. मेमरी लॉक कर सकता है. उसके बाद मोबाइल महज एक ढाँचा ही बना रह जाता है. इसके बाद उस मोबाइल को उसके अधिकृत विक्रेता के पास ले जाकर फिर से प्रोग्राम करवाने के अलावा को रास्ता नही बचता.
मोबाइल फोन आजकल सिर्फ बातचीत करने का साधन नही रहे है. दिनो दिन सुविधाएँ और फीचर्स बढते जा रहे हैं. और साथ ही बढते जा रहे हैं मोबाइल वायरस के खतरे. भविष्य मे यह समस्या और भी विकराल स्वरूप धारण करेगी.
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