|
जैसे हम खरीददारी करते हैं, शार्क वैसे ही शिकार करती है |
|
पर्यावरण
|
|
शनिवार , , 08 मार्च |
 |
तरकश ब्यूरो
|
|
|
|
| शार्क जैसे मांसाहारी जीव शिकार की खोज मे गोता लगाते समय एक जगह शिकार को
देखने के बाद दूसरी जगह जाकर दूसरे शिकार का भी अभ्यास करते हैं |
|
|
एक अंतर्राष्ट्रीय शोध मे सिद्ध हुआ है कि इंसानों द्वारा खरीददारी के समय व्यक्त किए जाने वाले व्यवहार और शार्क जैसे मांसाहारी प्राणियों द्वारा शिकार की खोज के समय के व्यवहार मे काफी समानताएँ होती है.
मरीन बॉयोलॉजी असोसिएशन और यूनिवर्सिटी और प्लेमाउथ के एक अभ्यास मे इस शोध की पुष्टि की गई. हम जब बाजार मे खरीददारी करने जाते हैं तो अपनी मनपसंद वस्तु के मिलने तक उसे ढुंढते रहते हैं, साथ ही अपने समय का ध्यान भी रखते हैं. कुछ ऐसा ही व्यवहार शार्क शिकार करते समय करती है.
इंसान जब खरीददारी करता है तो एक दूकान मे सामान देखने के बाद दूसरी जगह जाकर वहाँ भी वही सामान देखता है और फिर सबसे बेहतर विकल्प को चुनता है. शार्क जैसे मांसाहारी जीव शिकार की खोज मे गोता लगाते समय एक जगह शिकार को देखने के बाद दूसरी जगह जाकर दूसरे शिकार का भी अभ्यास करते हैं और बेहतर विकल्प का शिकार करते हैं.
इसी तरह का व्यवहार अन्य जाति के प्राणी भी करते होंगे ऐसी उम्मीद व्यक्त की गई है. इससे पता चलता है कि प्रकृति के द्वारा तय किए गए नियम कायदे हर तरह के प्राणियों मे कहीं ना कहीं मौजूद होते हैं.
|
|