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70000 वर्ष पहले इंसान खत्म हो सकते थे!
इतिहास
शनिवार , , 26 अप्रेल
teamtarakash.jpg तरकश ब्यूरो



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आज से 70000 वर्ष पहले. पृथ्वी पर मात्र 2000 इंसान बचे थे और वे तेजी से मृत्यु की ओर बढ रहे थे.
सन 2008. पृथ्वी पर इंसानों की संख्या में खतरनाक स्तर तक वृद्धि हो रही है और यह वृद्धि कम होने के कोई आसार नजर नही आ रहे हैं. विज्ञान की प्रगति ने इंसानों की औसत आयु को बढा दिया है और मृत्युदर घट रहा है और जन्मदर लगातार बढ रहा है.

आज से 70000 वर्ष पहले. पृथ्वी पर मात्र 2000 इंसान बचे थे और वे तेजी से मृत्यु की ओर बढ रहे थे. इंसानों की नस्ल समाप्त होने की कगार पर थी.

एक जेनेटिक शोध के अनुसार 70000 वर्ष पर पहले दूनिया मे मात्र 2000 इंसान ही बचे थे और वे अफ़्रीका के सुदूर जंगलों मे रहते थे. भयंकर सूखे, विपरीत परिस्थितियों, हिंसक जानवरों के बढते प्रकोप और बाढ की वजह से इंसानों की नस्ल खत्म होने की कगार पर थी.

यह शोध अमरीका की स्टेनफॉर्ड विश्वविद्यालय ने की है. शोध के अनुसार इंसानों की पहली नस्ल का उद्भव अफ़्रीका के प्रदेशों मे हुआ था और फिर धीरे धीरे समग्र विश्व में उनका फैलाव हुआ था. इस शोध मे शामिल रेमबेम मेडिकल इंस्टिट्यूट के डोरोन बेहर, और आईबीएम के शेरोन रोसेट के अनुसार पत्थरयुग के शुरूआत के पहले इंसानों की बस्तियाँ छोटे छोटे समूहों मे विभाजित हो गई थी. लेकिन पत्थरयुग की शुरूआत के साथ ही इंसान एक दूसरे के सम्पर्क मे आने लगे और बडे समूह मे रहने लगे.

आज से करीब 1लाख 35 हजार साल पहले भयंकर सूखे ने इंसानों की बडी आबादी का नाश कर दिया था. और उनकी जनसंख्या काफी घट गई थी. और करीब 70000 साल पहले बहुत थोडी संख्या में ही इंसान बचे थे. लेकिन इसके बाद इंसानों के कुछ समूह अफ़्रीका के दुर्गम स्थलों से स्थानांतरित होकर दूनिया के दूसरे कोनों तक पहुँचने लगे और इससे उनका सुमूल नाश होने से बच गया.

आज दूनिया में करीब 6 अरब 60 करोड़ इंसान रहते हैं और कोई भारी विनाशलीला ही उनका खात्मा कर सकती है.






 

टिप्पणियाँ (7)add
जरुरी सूचनाएं।
द्वारा प्रेषित दिनेशराय द्विवेदी , अप्रेल 26, 2008
अब जब इन्सानी आबादी खतरनाक स्तर तक पहुंच रही है। इन सूचनाओं की सख्त जरुरत है।
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70000 वर्ष पहले इंसान खत्म हो सकते थे!
द्वारा प्रेषित raj bhatia , अप्रेल 26, 2008
अब वो वक्त आने वाला हे, ५० १०० सालो मे, ज्यादा इन्तजार नही करना पडेगा,वेसे भी हमारे ध्र्म ग्रन्थो मे लिखा हे की १०० १०० कोस दुर एक दीप जले गा,यानि हम तबाही के बहुत नज्दीक पहुच चुके हे.
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70000 वर्ष पहले इंसान खत्म हो सकते थे!
द्वारा प्रेषित v , मई 16, 2008
aap 70000 वर्ष पहले इंसान खत्म हो सकते थे! smilies/cry.gif
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Countdown Starts !
द्वारा प्रेषित Abhishek Pushker , मई 28, 2008
21 December 2012 -- The World Ends.
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यह ई-मेल देखने के लिये कृपया जावास्क्रिप्ट को चालू करें
द्वारा प्रेषित surf , जून 25, 2008
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tark heen vigyaan
द्वारा प्रेषित sumant mishra , जून 29, 2008
माल्थस की थ्योरी थी की जनसन्ख्या ज्योमेट्रिकल प्रोग्रेशन के नियम पर आगे बढती है,अर्थात २-४-८-१२ के गुणनफल में तो अगर इस थ्योरी को रिवर्स करें तो विश्व की जन संख्या शून्य कब थी? सुमन्त मिश्र
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70000 हजार साल पहले
द्वारा प्रेषित PANKAJ BANDI , सितम्बर 02, 2008
आपने इस लेख में 'पत्थर युग' कहा है. जबकि उस युग को पाषाण युग कहते है..... सही हिन्दी और उसकी संज्ञाओं को स्थापित करना आपका कर्तव्य है...... इतना ही नही आपके लेखों में हिन्दी मात्राओं की बहुत गलतियाँ है. ... पंकज बंडी
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