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विशेष कैमरे जो खींचेंगे 'भूतीया तस्वीरें"
तकनीक
बुधवार , , 07 मई
teamtarakash.jpg तरकश ब्यूरो



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डिजिटल कैमरे से खींची जाने वाली तस्वीरें फोटोंस की गति पर आधारित होती है. कैमरे के फ्लैश से निकले फोटोन सामने रखे पदार्थ से टकरा कर वापस लौटते हैं और कैमरे के लैंस मे कैद हो जाते हैं
क्या किसी कैमरे से ऐसी तस्वीरें भी खींची जा सकती हैं जो उसके लैंस के सामने ना हो? कुछ समय बाद यह सम्भव हो सकता है. अमरीकी विशेषज्ञ इस प्रकार की सम्भावनाओं को तलाश रहे हैं जिससे ऐसी तस्वीरें खींची जा सके. इन तस्वीरों को भूतिया तस्वीरें कहा जा सकता है. जिस प्रकार से उपग्रह घने बादलों और कोहरे के बीच मे से धरती के तस्वीरें खींच सकते हैं, कुछ उसी प्रकार की तकनीक का इस्तेमाल कर भूतिया तस्वीरें खींची जा सकती है.

डिजिटल कैमरे से खींची जाने वाली तस्वीरें फोटोंस की गति पर आधारित होती है. कैमरे के फ्लैश से निकले फोटोन सामने रखे पदार्थ से टकरा कर वापस लौटते हैं और कैमरे के लैंस मे कैद हो जाते हैं, जिससे सामने रखे पदार्थ की छवि तैयार होती है. 'भूतिया कैमरा' भी इसी तकनीक पर काम करता है. लेकिन इस बार कैमरे से निकले फोटोन सीधे किसी पदार्थ से टकराते नहीं हैं. बल्कि वे वातावरण मे निश्चित किए गए मार्ग पर चलते हैं और अन्य फोटोन जो उस पदार्थ से टकरा कर लौट रहे हैं, के साथ जुडकर एक क्वांटम प्रभाव पैदा करते हैं, जिससे एक छवि तैयार होती है. इस छवि में निश्चित किए गए पदार्थ की स्पष्ट तस्वीर तो प्राप्त नही होती, लेकिन फिर भी एक धुँधली तस्वीर तो मिल ही जाती है. वह भी तब जब वह पदार्थ ठीक कैमरे के सामने नही होता है.

विशेषज्ञों ने यह साबित करने के लिए एक प्रयोग किया और एक सैनिक की मूर्ति को कैमरे के लैंस से थोडा दूर और प्रकाशित स्थल से भी 45 सेमी दूर रखा. उसके बाद उन्होने बिजली के दो बीम प्रवाहित किए. एक सैनिक से टकरा रहा था दूसरा दूर रखे कैमरे से. इसके बाद सैनिक की मूर्ति के पास फोटोन डिटेक्टर रखा गया. वैज्ञानिकों ने देखा कि कुछ फोटोन मूर्ति से टकरा रहे थे और कुछ बिजली के बीम का रास्ता पकड कर वापस लौट रहे थे और कैमरे की तरफ जा रहे थे. इनमें से कुछ फोटोन ऐसे थे जो मूर्ति से नही टकराए थे और कुछ ऐसे थे जो टकराए थे. टकराने वाले फोटोन अपने समान गुणधर्मों की वजह से एक दूसरे के समीप आ रहे थे. इस प्रकार कैमरे की तरफ लौटते समय वे एक विशेष समूह मे लौट रहे थे जिससे मूर्ति की एक छवि कैमरे में कैद हो गई.

भूतिया कैमरे का सफल प्रयोग भविष्य मे कई सम्भावनाओं के द्वार खोल सकता. भविष्य मे जासूसी के लिए इसका काफी उपयोग हो सकता है.





 

टिप्पणियाँ (2)add
Kaise
द्वारा प्रेषित Prashant , मई 07, 2008
Jasoosi ke liye kaise ho sakta hai?? kuchh vistaar se bataayiye.. smilies/smiley.gif
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द्वारा प्रेषित Tarakash Team , मई 07, 2008
Jasoosi ke liye kaise ho sakta hai?? kuchh vistaar se bataayiye..


हमने भविष्य की सम्भावनाओं के बारे में बताया है. भविष्य में अधिक परिष्कृत छोटे कैमरे आएँगे. इस तकनीक की वजह से एक कमरे मे से दूसरे कमरे की तस्वीरें खींचना सम्भव हो जाएगा. इससे दूसरे कमरे मे मौजूद व्यक्ति को पता नही चलेगा कि कोई उसकी तस्वीरें खींच रहा है.
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