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तनाव बढाता है बच्चों में मधुमेह होने की सम्भावना |
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स्वास्थ्य
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गुरुवार , , 15 मई |
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तरकश ब्यूरो
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| लगातार तनाव और फास्ट फूड का बढ रहा चलन बच्चों मे मधुमेह रोग होने की सम्भावना को बढा रहा है. |
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भारत में बच्चों मे मधुमेह होने की दर बढ रही है. तेजी से हो रहे शहरीकरण और बढ रही प्रतिस्पर्धा भी इसके लिए जिम्मेदार है. लगातार तनाव और फास्ट फूड का बढ रहा चलन बच्चों मे मधुमेह रोग होने की सम्भावना को बढा रहा है.
आज के अभिभावक अपने बच्चों को हर हाल में सफल होते हुए देखना चाहते हैं. पढाई में हमेशा अव्वल दर्जे से पास होने की उम्मीद लगाकर बैठे अभिभावक अपने बच्चों से उनकी क्षमता से अधिक परिश्रम करवाते हैं. इसके अलावा हर कोई अपनी संतान को सचिन तेन्दुलकर बनाने की ख्वाईश रखता है और खेलों के प्रशिक्षण के दौरान बच्चों से तनतोड मेहनत करवाता है.
इससे बच्चों मे तनाव बढ रहा है. जिससे मधुमेह होने की सम्भावना भी बढ रही है. इसके अलावा तेजी से हो रहे शहरीकरण से देश के सामाजिक जीवन मे भी फेरबदल आ रहे हैं. बच्चे सात्विक भोजन की बजाय फास्ट फूड की तरफ आकर्षित हो रहे हैं. और इससे मधुमेह की सम्भावना बढ जाती है.
पिछले कुछ दिनों से मधुमेह की इंसुलीन की बिक्री मे तेजी आई है और इस रोग के अधिकतर नए मरीज कम उम्र के बच्चे हैं. यह स्थिति चिंताजनक है.
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