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डायनासोर को फिर से जीवित करने की दिशा में उठा पहला सफल कदम |
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विज्ञान
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गुरुवार , , 22 मई |
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तरकश ब्यूरो
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| आखिरी तस्मानियन टाइगर की मृत्यु सन 1936 में हुई थी. |
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ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने कुछ दिन पहले एक उल्लेखनीय कीर्ति हासिल की है. इन वैज्ञानिकों ने विलुप्त हो चुके तस्मानियन टाइगर के जिन का चूहों मे सफलता पूर्वक प्रत्यारोपण किया. इससे अन्य विलुप्त हो चुके जीवों के फिर से जीवित होने की सम्भावना बढ गई है और वैज्ञानिक डायनासोर प्रजाति के जीवों के दूसरे जीवन के प्रति आशावान हो चुके हैं.
मेलबोर्न विश्वविद्यालय की जीवशाष्त्री एंड्रु पास्क और मर्लिन रेनफ्री ने 100 वर्ष पुराने तस्मानियन टाइगर के मृतदेह से, जिसे एथेनोल में सुरक्षित रखा गया है, डीएनए निकाला और उसे एक चूहे के शरीर में प्रवाहित किया. इस डीएनए ने चूहे की हड्डियों और कार्टलेग में अपने विकास को जारी रखा. इससे यह सिद्ध हुआ कि विलुप्त हो चुके जीवों की डीएनए फिर से विकसित हो सकते हैं और फैल सकते हैं.
यह पहली बार हुआ है कि किसी विलुप्त प्राणि के शरीर से लिए गए डीएनए ने कुछ सकारात्मक संकेत दिए हों. तस्मानियन टाइगर किसी समय भारी मात्रा में पाए जाते थे, लेकिन उनका अंधाधुंध शिकार होने से उनकी पुरी आबादी समाप्त हो गई. आखिरी तस्मानियन टाइगर की मृत्यु सन 1936 में हुई थी.
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