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ब्राज़ील में सम्पर्क विहीन आखिरी आदिवासी कबीला मिला |
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विश्व दर्पण
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शनिवार , , 31 मई |
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तरकश ब्यूरो
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| उन्होने दो पुरूष देखे जिन्होनें अपना शरीर लाल रंग से रंगा हुआ था. उनके
पीछे एक महिला आदिवासी थी जिसने अपना शरीर काले रंग से रंगा हुआ था. |
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दूनिया के कुछ ही प्रदेश ऐसे बचे हैं जहाँ आज भी सभ्य मानव की पहुँच नहीं है, और माना जाता है कि वहाँ अभी भी सभ्यता और विकास के दौर से अछूते रह गए आदिवासी कबीले रहते हैं. पिछले दिनों ब्राज़ील और पेरू की सीमा के पास एक अनजाना आदिवासी कबीला दिखाई दिया है.
यह कबीला ब्राज़ील और पेरू की सीमा के पास एनविरा नदी के तट पर देखा गया. ब्राज़ील सरकार के आदिवासी कमीशन फुनेई के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी. प्रवक्ता ने बताया कि उन्होनें अपने हवाई सर्वेक्षण के दौरान एनविरा नदी के तट पर कुछ मजबूत कदकाठी के लडाके, छ: झोंपड़ियों और खेती लायक जमीन देखी है.
जब इस दल का हवाई जहाज उनके इलाके के उपर से गुजरा तो उन्होनें अपने भाले जहाज की तरफ फेंके. प्रवक्ता के अनुसार उन्होने दो पुरूष देखे जिन्होनें अपना शरीर लाल रंग से रंगा हुआ था. उनके पीछे एक महिला आदिवासी थी जिसने अपना शरीर काले रंग से रंगा हुआ था. उन्होने जहाज पर हमला किया क्योंकि उन्हे अपने आवास के आसपास किसी की दखलअंदाजी पसंद नहीं है.
इस समय दूनिया में करीब 100 ऐसे कबीले हैं जो सभ्य समाज से दूर रह रहे हैं और उनकी दूनिया उनके छोटे कबीलों तक ही सीमित है. ऐसे अधिकतर कबीले ब्राज़ील और पेरू के इलाके मे पाए जाते हैं.
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