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गोल्फ खेलने से जिंदगी के पाँच वर्ष बढ जाते हैं! |
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स्वास्थ्य
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सोमवार , , 02 जून |
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तरकश ब्यूरो
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| गोल्फ खेलने वाले खिलाडी ना केवल प्राकृतिक वातावरण में अधिक समय बिताते
हैं बल्कि 6 से 7 किलोमीटर तक पैदल चलते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी
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भारत के शहरों मे आजकल गोल्फ कोर्स की संख्या बढती जा रही है और साथ ही बढ रही है इस खेलने को खेलने वाले खिलाडियों की संख्या. यह खेल अभिजात्य वर्ग का खेल माना जाता था. कार्पोरेट हस्तियों गोल्फ के खेल के साथ ही व्यापारिक मंत्रणाएँ करती है. और कई गोल्फ कोर्स अपने विज्ञापन में खेल की बजाय व्यापारिक गतिविधियों को ही अधिक महत्व देते हैं.
बहरहाल अब देश का आम वर्ग भी गोल्फ खेलने के प्रति उत्साह दिखा रहा है और इसकी वजह है बढ रहे गोल्फ कॉर्सों के कारण कम दर पर उपलब्ध क्लब सदस्यता.
गोल्फ खेलने का नया नया शौख पालने वाले लोग इस बात से भी खुश हो सकते हैं कि वे ना केवल मनोरंजन प्राप्त कर रहे हैं और एक "सोश्यल सिम्बोल' बन रहे हैं, बल्कि अपनी जिंदगी मे कुछ नए वर्ष भी जोड रहे हैं.
एक शोध के मुताबिक गोल्फ खेलने वाले लोगों में अन्य लोगों की अपेक्षा 40% कम मृत्यु दर पाई गई है. दूसरे शब्दों मे गोल्फ खेलने वाले लोगों की सेहत गोल्फ ना खेलने वाले लोगों की अपेक्षा अच्छी पाई जाती है. स्वीडन के संशाधकों के मुताबिक गोल्फ खेलने से मनोरंजन के अलावा शारीरिक कसरत भी होती है.
गोल्फ खेलने वाले खिलाडी ना केवल प्राकृतिक वातावरण में अधिक समय बिताते हैं बल्कि 6 से 7 किलोमीटर तक पैदल चलते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है. इसके अलावा वे एक प्रकार के सामाजिक वातावरण में रहते हैं, लोगों से मेलजोल बढाते हैं, जिसका भावनात्मक असर भी पडता है. इन सबका असर उनकी सेहत पर पडता है. ढलती उम्र के लोगों के लिए तो यह वरदान के समान है.
तो आप कब से गोल्फ खेलना शुरू करने वाले हैं?
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