|
अब बोलती कारें एक दूसरे को चोरी से बचाएँगी |
|
तकनीक
|
|
शनिवार , , 07 जून |
 |
तरकश ब्यूरो
|
|
|
|
यदि कोई कार चोरी हो जाती है तो उसके द्वारा "मैं ठीक हुँ' का सिग्नल देना बंद हो जाता है.
|
|
|
कुछ कारें एक कतार मे पार्क की हुई है. वे नियमित रूप से आपस में बात कर रही है. अचानक एक चोर पीछे से निकलता और एक कार को अपनी चाबी से खोल कर अंदर घुस जाता है. वह उसका सिक्यूरिटी सिस्टम काट देता है और इंजन चालू कर भाग जाता है. लेकिन 4 सेकंड के अंदर ही उसकी "सहेली" कारें अलार्म बजाकर गार्ड को सूचित कर देती हैं और चोर पकडा जाता है.
यह कोई हॉलिवुड की कहानी लग सकती है. लेकिन फ्रोर्स्टबर्ग स्टेट यूनिवर्सिटी के हुई सोंग के लिए नहीं. उन्होने एक ऐसा सुरक्षा सिस्टम बनाया है जो कारों को आपस में बात करवाता है. इस सिस्टम को SVATS (Sensor-Network based Vehicle Anti Theft System) कहा जाता है. इस सिस्टम के लगाए जाने के बाद कारें लगातार एक दूसरे को सिग्नल भेजती रहती है. यही नहीं कारों के अंदर कई जगह पर सेंसर लगाए जाते हैं जिससे चोरों के लिए कम समय मे सारे सिस्टम बंद करना मुश्किल हो जाए.
कार का मालिक कार लॉक करते समय यह सिस्टम चालू कर देता है और जब वापस आता है तो इस सिस्टम को बंद कर देता है. इस बीच यदि कोई कार चोरी हो जाती है तो उसके द्वारा "मैं ठीक हुँ' का सिग्नल देना बंद हो जाता है.
इससे उसकी पडोसी कारें (जिनमें यह सिस्टम लगा हो) सचेत हो जाती हैं और खतरे का अलार्म बजा देती है. इससे सुरक्षा कर्मी तुरंत हरकत मे आ जाते हैं.
इस सिस्टम के शुरूआती परीक्षण सफल रहे हैं और यह सिस्टम जल्द ही बिक्री के लिए उपलब्ध होगा.
|
|