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बधिर व्यक्तियों के वरदान समान घडी और अंगूठियाँ |
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श्रेष्ठ डिजायन
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शनिवार , , 07 जून |
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तरकश ब्यूरो
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| युवाओं के साथ रहने से कार्य करने के प्रति सकारात्मक सोच जागृत होती है,
उर्जा का संचार होता है, लडने की शक्ति बढती है और उत्साह में वृद्धि होती
है. |
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एक बधिर व्यक्ति सडक से गुजर रहा है. तभी पीछे से एक गाडी आती है और उसे ठोकर मार कर चली जाती है. बधिर व्यक्ति घायल होकर गिर जाता है.
ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वह बधिर व्यक्ति अपने पीछे से आ रही आवाज को सुन नही पाया था. लेकिन अब यह स्थिति बदल सकती है. प्रोडक्ट डिजायन Kwang-Seok Jeong द्वारा डिजायन की गई विशेष अंगूठियों और एक घडी की मदद से बधिर व्यक्ति भी अपने आसपास के हलन चलन को महसूस कर पाता है.
यह उपकरण कुछ इस तरह से काम करता है:
- बधिर व्यक्ति दोनों हाथों मे एक एक अंगूठी पहनता है और एक हाथ में घडी पहनता है.
- अब जिस तरफ से भी आवाजें आती है, उस हाथ की अँगूठी कम्पन पैदा करती है. जितनी तेज आवाज उतना तेज कम्पन.
- यही नहीं आवाज की तीव्रता के हिसाब से बधिर व्यक्ति की घडी पर लहरें भी बनती है, जितनी तेज लहरें उतनी तेज आवाज.
- यानि कि बधिर व्यक्ति को पता चल जाता है कि किस प्रकार की लहर दिखाई देने पर उसे सचेत हो जाना है.
- इसके अलावा घडी में पहले से कुछ चित्र प्रोग्राम किए हुए हैं. यदि बधिर व्यक्ति को उसका परिचित नाम लेकर बुलाता है तो घडी पर एक विशेष चित्र उभर आता है जिससे बधिर व्यक्ति को पता चल जाता है कि कोई उसे बुला रहा है.
- उसी प्रकार से गाडी का होर्न बजने पर घडी मे गाडी का चित्र उभर आता है.
इस डिजायन को वर्ष 2008 का iF Best Concept Design Award मिला है.
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