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चिंपांजी भी गले मिलकर एक दूसरे को सांत्वना देते हैं |
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रोचक तथ्य और जानकारी
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बुधवार , , 18 जून |
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तरकश ब्यूरो
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चुम्बन देना और गले लगाकर सांत्वना देना, इंसान इन दो तरीकों के द्वारा अपने साथी को मानसिक शांति प्रदान करता है और उसे सुरक्षा का अहसास देता है. हम सब यह अनजाने में ही करते हैं, और यह हमारी जीवन शैली का एक अंग बन चुका है. इंसानों की भावनाएँ इस प्रकार के व्यवहार के प्रति बचपन से जागृत होती है.
किसी बच्चे के रोने पर उसके अभिभावक उसे गले से लगा लेते हैं, इस दौरान वे अपने दोनों हाथों को उसकी पीठ के पीछे ले जाकर उसे अपनी छाती से चिपका लेते हैं. बच्चे को इससे सुरक्षा का आभास होता है और वह शांत हो जाता है.
वैज्ञानिक इस बात का पता लगा रहे हैं कि इस प्रकार सामाजिक लक्षणों क्या सिर्फ इंसानों मे ही पाए जाते हैं या अन्य जीवों में भी पाए जाते हैं. अब इस बात की पुष्टि हुई है कि चिम्पाजी भी इसी प्रकार से अपनी भावनाओं को प्रकट करते हैं. चिम्पाजी ना केवल एक दूसरे को गले से लगाते हैं बल्कि चुम्बन भी देते हैं.
वैज्ञानिकों ने अमरीका के चेस्टर चिड़ियाघर के चिम्पाजियों के एक समूह का अभ्यास किया. दो चिम्पांज़ी के बीच लडाई होने के बाद कोई तीसरा चिम्पांज़ी हारे हुए अपने साथी के पास जाकर उसे गले से लगाता था. इसके अलावा दो चिम्पांज़ी एक दूसरे को चुम्बन देकर खुश होते थे.
यर्कस प्रिमीटीव सेंटर के डॉ. फ्रंस डे वाल का मानना है कि यह एक महत्वपूर्ण शोध है क्योंकि इससे पता चलता है कि अन्य जीव भी एक दूसरे को सांत्वना देते हैं और तनाव कम करने के लिए एक दूसरे को सहारा देते हैं.
हालाँकि इस तरह के लक्षण अभी चिम्पाजी मे ही दिखाई दिए हैं. बंदरों ने इस प्रकार की भावनाएँ व्यक्त करना नही सिखा है.
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