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कम्प्यूटर मॉनीटर को देर तक देखने से कम्प्यूटर विजन सिंड्रोम हो सकता है |
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स्वास्थ्य
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मंगलवार , , 24 जून |
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तरकश ब्यूरो
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आई.टी और इससे संबंधित कार्यों के मे आई तेजी की वजह से देश में आई.टी. विशेषज्ञों की संख्या मे तेजी से बढोत्तरी हुई है. आई.टी. प्रोफेशनल को दिन में 10 से 12 घंटे तक अपने कम्प्यूटर के मॉनीटर पर देखना होता है. इससे इन लोगों मे कम्प्यूटर विजन सिंड्रोम हो सकता है.
क्या होता है CVS?
सामान्य रूप से यदि कोई व्यक्ति अपने कम्प्यूटर पर कार्य कर रहा होता है तो वह मॉनीटर स्क्रीन के काफी पास होता है. हमारी आँखे इस तरह से विकसित हुई हैं कि यदि हम 6 मीटर तक की दूरी को देखते हैं तब तक वे आराम करने की स्थिति में होती हैं लेकिन उससे कम दूरी पर हमारी आँखो को अधिक मेहनत करनी पडती है.
जब हम मॉनीटर पर आँखे गडाकर रखते हैं तो हमारी आँखो के क्रिस्टलाइन लैंस दृश्यों को देखने के अपने आपको व्यवस्थित करता है. इससे कुल 7 मांसपेशियाँ और 6 बडी क्रेनियल नर्व इस कार्य में अपना योगदान देने लगती है और दिमाग की कुल 25% उर्जा इस कार्य मे लग जाती है.
हमें प्रति मिनट करीब 20 बार आँखे झपकानी होती है लेकिन कम्प्यूटर मे तल्लीनता से कार्य करते समय हम मात्र 8 से 10 बार ही आँखे झपकाते हैं. इससे आँखो में दर्द और जलन हो सकती है.
इससे बचाव
- अपने मॉनीटर की स्क्रीन को करीब 25 इंच दूर रखें
- मॉनीटर को आँखो के स्तर से थोडा नीचे रखें
- हवा को सीधे चेहरे पर आने से रोकें क्योंकि इससे आँखे जल्दी सुखती हैं.
- हर बीस मिनट के बाद आँखो को मॉनीटर से हटा लें और कुछ देर दूसरे दृश्य देखें.
- बार बार आँखो को झपकाएँ
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