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फिल्म समीक्षा: किस्मत कनेक्शन |
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समीक्षा
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शनिवार , , 19 जुलाई |
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किस्मत भी कैसी होती है? कभी आप मनोरंजन प्राप्त करते हैं, कभी बोर होने लगते हैं, कभी सीट पर जम कर बैठ जाते हैं और कभी बार बार घडी देखते हैं कि कब फिल्म खत्म होगी.
किस्मत कनेक्शन फिल्म देखते समय कुछ ऐसा ही अनुभव हो सकता है. किस्मत कनेक्शन एक हल्की फुल्की फिल्म है. यदि आप इसे अपने प्रेमी के साथ देखेंगे तो अधिक आनंद प्राप्त करेंगे. नहीं तो आपके पास और भी विकल्प हैं.
कहानी:
राज मल्होत्रा (शाहिद कपूर) एक अभागे आर्किटेक्ट हैं. उन्हे लगता है कि वे इतने बदकिस्मत हैं कि कोई भी लडकी उनकी साथी नहीं बनती है. वे एक क्रिस्टल बॉल रीडर (जूही चावला) के पास जाते हैं, जो उनसे कहती है कि उनकी अच्छी किस्मत जल्द ही आने वाली है.
और उनकी अच्छी किस्मत प्रिया (विद्या बालन) आती भी है. विद्या अपने कम्प्यूनिटी गृह को एक बिल्डर (ऑम पुरी) से बचाना चाहती है. राज इस कार्य मे उनकी मदद करता है, लेकिन इसमें उसका भी कोई स्वार्थ होता है.
फिल्म क्यों देखें:
शाहिद कपूर के लिए देख सकते हैं. वे फिल्म मे अच्छे लगते हैं. वैसे उनके उपर शाहरूख खान का प्रभाव भी दिखाई देता है. वैसे फिल्म के निर्देशक अजीज मिर्ज़ा हैं जो शाहरूख के काफी करीबी लोगों मे से एक हैं. इसलिए उनकी फिल्मों मे शाहरूख की छाप दिखाई देती है. फिल्म के गीत अच्छे हैं.
फिल्म क्यों ना देखें:
कुछ नयापन देखने को नया मिलेगा. किस्मत कनेक्शन एक साधारण बॉलीवुड फिल्म है. फिल्म के अंत मे आपको कुछ निराशा ही हो सकती है.
अंत मे:
अपने साथी के साथ फिल्म देख सकते हैं. लेकिन बेहतर है कुछ अन्य विकल्पों पर भी गौर कर लिया जाए.
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