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भविष्य के इन्हेलर कम्प्यूटर द्वारा संचालित होंगे |
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स्वास्थ्य
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बुधवार , , 23 जुलाई |
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तरकश ब्यूरो
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दमे की मरीजों, तथा कैंसर, मधुमेह, और एड्स के मरीजों के द्वारा इन्हेलर के माध्यम से दवाई लेना आजकल आम बात है. विशेष रूप से दमे के मरीजों के लिए इन्हेलर वरदान स्वरूप है क्योंकि इन्हेलर द्वारा दवाई सीधे फेफडों तक जाती है और रोगी तो त्वरित आराम मिलता है.
लेकिन जब हम इन्हेलर से दवाई लेते हैं तब करीब 20% दवाई ही फेफडॉं तक पहुँच पाती है. यदि ढंग से ना लिया जाए तो यह मात्रा घट कर 5% ही रह जाती है. बाकी की दवाई या तो मुँह मे रह जाती है गले तक ही पहुँच पाती है. अधिकतर दवाई मुँह और नाक से बाहर निकल जाती है.
लेकिन अब क्लेमेंट क्लिंस्ट्रुअर नामक एक मेकेनिकल इंजीनियर ने एक स्मार्ट इन्हेलर बनाया है. यह इन्हेलर अपने नोज़ल के आसपास हवा के दबाव की गणना करता है और यह तय करता है कि किस दिशा में अधिक मात्रा में दवाई छोडे जाने से वह सीधे फेफडॉं तक जाएगी.
इससे इन्हेलर से दवाई लेना और भी सुलभ हो जाएगा और मरीज को यह चिंता नहीं रहेगी उसके द्वारा ली जा रही दवाई फेफडों तक पहुँचेगी कि नहीं?
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