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| तीस जितनी वस्तुओं से निकाली जाती है मूद्रास्फीति की दर |
बाजार में हजारों चीज-वस्तुएं है और उनके भाव अलग अलग प्रमाण में बढ़ते या घटते है, फिर महँगाई की दर कितनी बढ़ी या घटी यह कैसे तय किया जाता है?
वास्तव में मुद्रास्फीति की गणना वस्तुओं के थोकभाव के आधार पर की जाती है तथा उसे होलसेल प्राइज़ इंडेक्स कहा जाता है, वहीं सभी वस्तुओं के स्थान पर चयनित तीस-एक जितनी वस्तुओं को ही होलसेल प्राइज़ इंडेक्स में स्थान दिया जाता है. इन वस्तुओं का तीन विभागों में वर्गिकरण किया गया है तथा तीनों ही विभागों का प्रभावभार (वेटेज) अलग अलग रखा गया है.
पहले खण्ड में अनाज, सब्जी, चा-कॉफी जैसी जीवन जरूरी वस्तुएं शामिल है. मुद्रास्फीति की दर निकालने में इनका प्रभावभार 22.02% रखा गया है. दूसरे खण्ड में स्टील, सीमेंट और खाद्य तेल तथा चीनी जैसी वस्तुओं को शामिल किया है, इनका प्रभावभार 63.75% है तथा तीसरे खण्ड में पेट्रोल-डीजल व बिजली जैसे ईंधन शामिल है, जिनका प्रभावभार 14.23% है. इस प्रकार 22.02%+63.75%+14.23% का कुल योग 100% होता है, इनके भावो के घट-बढ़ को गीन कर महँगाई की दर प्राप्त की जाती है.