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अब मात्र दिमाग से खेलिए कम्प्यूटर गेम |
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तकनीक
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शुक्रवार , , 15 अगस्त |
अमरीका की ड्रेक्सेल विश्वविद्यालय के छात्रों ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जिसकी मदद से खिलाडी मात्र अपने दिमाग के द्वारा कम्प्यूटर खेल खेल सकता है.
यह यंत्र हेडबेंड जैसा दिखाई देता है और इसमें कई सारे सेंसर लगे हुए हैं जो दिमाग की तरंगो को महसूस कर सकते हैं.
यह यंत्र वस्तुत: एनेस्थेसिया दिए गए मरीज की मानसिक हलचल को नोट करने के लिए बनाया गया था, लेकिन छात्रों ने इसी डिवाइस की मदद से एक खेल “लेजीब्रेनस’ तैयार कर लिया है जो मात्र दिमागी तरंगो से खेला जा सकता है.
इस खेल में मोर्बी नामक एक खिलाडी होता है जिसके रास्ते की बाधाओं को पार करते हुए मंजिल तक पहुँचना होता है. उसके रास्ते मे कई पत्थर और अन्य भारी सामान आते हैं.
हालाँकि खिलाडी को अपने वर्चुअल अवतार यानि कि मोर्बी को भगाने अथवा कूद लगाने के लिए कीबॉर्ड का सहारा लेना पडता है, लेकिन रास्ते के अवरोधों को खिलाडी अपनी मानसिक शक्ति से हटा सकता है.
यानि कि जैसे ही कोई पत्थर सामने आता है, खिलाडी अपने दिमाग का जोर लगाकर उस पत्थर को हटाने के बारे में सोचता है, और खिलाडी की मानसिक तरंगो को पढकर लेजीब्रेन का डिवाइस मोर्बी से वही काम करवाता है.
यह खेल अभी शुरूआती अवस्था में है और भविष्य में इस और अधिक विकसित होने की उम्मीद है.
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