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बचना ऐ हसीनों : फिल्म समीक्षा |
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समीक्षा
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शनिवार , , 16 अगस्त |
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सिद्धार्थ आनंद की यह तीसरी फिल्म है, लेकिन यह फिल्म उनकी पिछली दोनों फिल्मों सलाम नमस्ते और तारा रम पम से बहुत अलग नहीं है.
यह एक विशुद्ध यशराज फिल्म है, जो युवाओं खासकर कॉलेज जाने वाले लडकों को अधिक पसंद आएगी. इस फिल्म में इस समय के सबसे हॉट कलाकार जैसे कि रणबीर कपूर, दीपिका पादूकोण, मीनिषा लाम्बा, और बिपाशा बसु हैं, इसलिए स्टार वैल्यू तो है.
कहानी
यह फिल्म राज (रणबीर कपूर) और उनकी जिंदगी मे आने वाली 3 महिलाओं के बारे में है.
माही (मिनीषा लाम्बा) एक सीधी सादी लडकी है. वह प्यारी है और बहुत रोमांटिक भी. उसे विश्वास है कि वह राज को प्राप्त कर लेगी. राज उसके लिए दिल वाले.. का शाहरूख खान है और जिंदगी फूलों की क्यारी है.
राधिका आज के जमाने की युवती है. वह सेक्सी और स्मार्ट है. वह फिल्म उद्योग में अपनी जगह बनाने की जद्दोजहद में व्यस्त रहती है.
गायत्री ऑस्ट्रेलिया मे टेक्सी चलाती है और समाज के बंधनों से मुक्त रहती है.
बचना ऐ हसीनों इन्ही चार पात्रों की कहानी है. इस फिल्म मे राज अपनी जिंदगी के विभिन्न पडावों पर इन तीन अभिनेत्रियों को प्यार करते हैं.
क्यों देखें:
बचना ऐ हसीनों एक सीधी सादी फिल्म है. यह फिल्मों युवाओं के लिए बनाई गई है और जाहिर है उन्हे पसंद भी आएगी. रणबीर कपूर और दिपीका की ऑन स्क्रीन केमेस्ट्री अच्छी है. मिनीषा बहुत सुंदर लगती हैं और अभिनय भी अच्छा करती हैं. उन्हे अच्छी फिल्मे मिली तो वे बहुत आगे जा सकती हैं. बिपाशा का काम अच्छा है.
फिल्म का संगीत धीरे धीरे लोकप्रिय हो रहा है.
क्यों ना देखें:
फिल्म मे नयापन नही है और मध्यांतर के बाद का भाग बोझिल लगता है. दिपीका और रणबीर का प्यार का ट्रेक भी उबाऊ है.
अंत में:
पूरी तरह से देखें तो फिल्म बुरी भी नही है और बहुत अच्छी भी नही है. इसे बॉक्स ऑफिस पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ मिलेंगी. युवा इस फिल्म को अधिक पसंद करेंगे.
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