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वैज्ञानिकों ने लेबोरेटरी में लाल रक्तकण बनाए |
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विज्ञान
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शुक्रवार , , 22 अगस्त |
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| लाल रक्तकण |
अमरीकी वैज्ञानिकों ने एक उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए लेबोरेटरी में लाल रक्तकणों को बनाने में सफलता हासिल की है. यह खोज काफी महत्वपूर्ण है, और इससे भविष्य में किसी मरीज के लिए खून की कमी नहीं होगी और ना ही किसी को रक्तदान करना पडेगा.
वैज्ञानिकों ने इंसान के एम्ब्रियोनिक स्टेम सेल (ESCs) का प्रयोग करके पहला कार्यरत लाल रक्तकण बनाया. हालाँकि इससे पहले भी इस प्रकार के प्रयोग हो चुके हैं और वैज्ञानिकों ने पहले भी लाल रक्तकणों को बढाने मे सफलता हासिल की है, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि “enucleation” स्टेज को प्राप्त किया जा सका है. इस स्टेज पर रक्तकण और अधिक विभाजित नहीं होता है, जिससे कैंसर का खतरा नहीं रहता है.
इस शोध से जुडे रोबिन लेंजा का कहना है कि, पहले इसे एकदम असम्भव माना जाता था, और हम खुद अपनी खोज को लेकर आश्चर्यचकित हैं.
परीक्षणों से पता चला कि लेबोरेटरी मे बनाए गए रक्तकण ऑक्सिजन का परिवहन ठीक उसी तरह से करते हैं जिस तरह से किसी अन्य व्यक्ति से दान मे मिले रक्तकण कर सकते हैं.
डॉ. लेंजा का मानना है कि भविष्य में खून की कमी नहीं रहेगी और किसी मरीज के लिए खून के उपलब्धता एकदम सुलभ होगी.
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