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रोक ओन: फिल्म समीक्षा
समीक्षा
शनिवार , , 30 अगस्त
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रोक ऑन दिल चाहता है कि सिक्वल लगती है और दिल चाहता जैसी ही एक बेहतरीन फिल्म भी है. संबंधो पर आधारित यह फिल्म दर्शाती है कि मानवीय संबंध और मित्रता से बडा कुछ नही होता है.

फिल्म की कहानी इतनी अच्छी तरह से व्यक्त की गई है कि आप खुद को पात्रों के साथ खडा पाते हैं.


कहानी

यह चार दोस्तों की कहानी है. रोब [ल्यूक केनी], आदित्य [फरहान अख्तर], केडी [पूरब कोहली] और जो [अर्जून रामपाल], चारों अच्छे संगीतकार हैं. वे मिलकर एक म्यूज़िकल बैंड बनाते हैं और फिर मतभेदों के चलते बिछड जाते हैं. आदित्य की पत्नी [प्राची देसाई] उन्हे फिर से एक करती है. 


क्यों देखें:

यह एक ऐसी फिल्म है जिसे पश्चिम में भारतीय फिल्म की तरह प्रचारित किया जाना चाहिए. अन्य फिल्मों मे हम ड्रामा, गीत संगीत, मँहगे लोकेशन सबकुछ देखते हैं और सबकुछ जीवन से बडा होता है, अवास्तविक लगता है. यह फिल्म वास्तविकता के बेहद करीब है और दिल को छूती है.

फरहान अख़्तर एक काबिल निर्देशक तो हैं ही, लेकिन काबिल अभिनेता भी हैं यह इस फिल्म से पता चलता है. प्राची के लिए यह फिल्म बहुत महत्वपूर्ण है और उन्होने अपनी अभिनय क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है. 


क्यों ना देखें:

फिल्म कुछ धीमी है, लेकिन फिर फिल्म की कहानी को देखने और पात्रों को समझने के लिए यह जरूरी भी है. कोई कमी निकालना मुश्किल है. 


अंत में:

यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए. ऐसी फिल्में कम बनती है और अफसोस की कम ही बनती हैं.

 
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