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वास्तविक पोप अप संदेश और जाली पोप अप संदेश की पहचान कैसे करें? |
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इंटरनेट
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बुधवार , , 24 सितम्बर |
अमरीका नोर्थ केरोलिना विश्वविद्यालय के दो छात्रों द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि इंटरनेट का प्रयोग करने वाले अधिकतर लोग सर्फिंग करते समय कभी कभी आने पोप अप की पहचान नहीं कर पाते हैं.
उदाहरण के लिए कभी कुछ गलत कमांड देने पर अथवा असुरक्षित साइट को खोलने का प्रयत्न करने पर या फिर किसी पोप अप विज्ञापन को खुलने से रोकने के लिए आपका सिस्टम वार्निंग पोप अप संदेश देता है, जहाँ आपको “OK” बटन दबाना होता है. लेकिन सर्फिंग करते समय ऐसे कई जाली पोप अप भी सामने आ सकते हैं, जो दिखने मे बिल्कुल वार्निंग संदेश जैसे ही लगते हैं, लेकिन जैसे ही आप उसके ओके बटन पर क्लिक करते हैं, वह आपके सिस्टम में कोई ना कोई स्पाइवेर या वाइरस कॉपी कर देता है.
इससे बचने के लिए इतना ध्यान रखें:
- हडबडी मे ओके बटन दबाने से बचें. पहले पढ लें कि संदेश क्या है.
- वास्तविक पोप अप विंडो का ओके बटन ध्यान से देखने पर अधिक उभरा हुआ लगता है.
- छद्म पोप विंडो के सन्देश भ्रामक और ललचाने वाले होते हैं, उन्हे क्लिक करने से बचें.
- ओके बटन दबाने की बजाय विंडो क्लोज करने का प्रयत्न करें
- असुरक्षित जालस्थलों पर ना जाएँ, एवीजी जैसे मुफ्त एंटी वाइरस सॉफ्टवेर डाल लें वह आपको साइट देखने से पहले सूचित कर देगा कि वह सुरक्षित है या नहीं.
- यदि साइट के किसी पन्ने पर जाते समय वह लगातार नए विंडो खोल रहा है तो यकीन मानिए कि वह साइट सुरक्षित नहीं है, बल्कि स्पाइवेर/एडवेर का घर है.
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