Tarakash.com, Hindi News, india news, entertainment, Hindi site, Hindi website, Hindi portal, तरकश - Hindi Information and Entertainment Portal

नींद लेने से रचनात्मकता जागती है
स्वास्थ्य
सोमवार , , 29 सितम्बर
तरकश ब्यूरो



Image

बेंजामीन फ्रेंकलीन कहा करते थे कि इंसान को सोना नहीं चाहिए बल्कि काम करते रहना चाहिए क्योंकि मरने के बाद तो कब्र में सोना ही है.

उस समय यह विधान काफी प्रचलित हुआ था, लेकिन आज यह व्याख्या बदल गई है. कई वैज्ञानिक शोधों से साबित हुआ है कि इंसान नींद में भी काफी क्रियाशील रहता है और नींद लेने से कार्यक्षमता और रचनात्मकता बढती ही है.

नींद लेने को समय का नुकसान नहीं माना जाना चाहिए.  नींद लेते समय हम यह मानते हैं कि हम कुछ नहीं कर रहे हैं लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं होता है.

साइकोलोजिस्ट जंग बीमन के अनुसार, जब हम सोते हैं तो हमारे दिमाग के न्यूरोन वास्तव में अलग अलग घटनाओं को आपस में जोडकर हमारी याददास्त को ताजा करते हैं और अगले दिन के कार्य आसान करते हैं.

मान लीजिए आप किसी प्रोजेक्ट पर काम करते कहीं अटक गए हैं और कोई आइडिया बुन रहे हैं, उसके बाद आप सो जाते हैं तो नींद उस आइडिया अथवा युक्ति को बुनने में दिमाग की मदद करती है और उठने के बाद आप उस कार्य को और अच्छी तरह से कर पाते हैं. लेकिन आपको यह अहसास नहीं होता कि नींद के दौरान भी आप उसी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे.

दूसरे शब्दों मे जब इंसान सोता है तो अधिक रचनात्मक होता है, बस उसे इस बात का अहसास नहीं होता.

 




टिप्पणियाँ (0)add
टिप्पणी लिखें
quote
bold
italicize
underline
strike
url
image
quote
quote
smile
wink
laugh
grin
angry
sad
shocked
cool
tongue
kiss
cry
smaller | bigger

busy
 


लोगिन करें






क्या आप अपना कूटशब्द भूल गये हैं?
क्या आप ने अभी तक खाता नहीं खोला? खाता खोलें

फ़ीड सबस्क्राइब करें


आपका Email ID: