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पहचान का सबसे सुरक्षित माध्यम – हमारी धमनियॉ |
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तकनीक
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बुधवार , , 12 नवम्बर |
किसी व्यक्ति की पहचान करने के लिए कई प्रकार के स्रोतों का उपयोग किया जाता है, जिससे सबसे प्रमुख होती है अंगुलियों की छाप. लेकिन जापान की कुछ कम्पनियाँ अब एक नए प्रकार के पहचान माध्यम का उपयोग कर रही है, जो है हमारी धमनियॉ.
जापान में हजारों एटीएम और केश मशीनें फींगर वीन तकनीक यानि कि अंगुलियों की धमनियों की पहचान करने वाली तकनीक पर काम करती है.
इस तकनीक में, प्रयोक्ता की मध्यमा अंगुली को एक स्केनर के उपर रखा जाता है. स्केनर के पास लगी इंफ्रारेड लाइटें अंगुली की धमनियों पर विभिन्न कोणों से पडती है. इन किरणों को रक्त में मौजूद हिमोग्लोबिन सोख लेता है और एक केमेरा इस पेटर्न की तस्वीर खींच लेता है, जिसका बाद में डिजिटलीकरण होता है और व्यक्ति की पहचान की जाती है.
जापानी हिताची नामक कम्पनी देश में करीब 20 हजार ऐसी वीन आइडेंटीफिकेशन मशीनें लगा रही है. और यूरोप के कुछ भी देश भी इस तकनीक को अपना रहे हैं.
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